होर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा ऑपरेशन, फंसे जहाजों को निकालने के लिए बनाई विशेष रणनीति; कई पोत सुरक्षित लौटे

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री गतिविधियों पर पड़े असर के बीच भारत अपने जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है। इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में मौजूद भारतीय जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सरकार बहु-स्तरीय समन्वय के साथ विशेष रणनीति पर काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, कई जहाज सुरक्षित रूप से मार्ग पार कर चुके हैं, जबकि कुछ अब भी क्षेत्र में मौजूद हैं।

13 भारतीय जहाज अब भी क्षेत्र में मौजूद

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उससे जुड़े क्षेत्र में फिलहाल 13 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनमें एलपीजी टैंकर, कच्चे तेल के टैंकर, केमिकल टैंकर, कंटेनर जहाज, बल्क कैरियर और एक ड्रेजर शामिल हैं। सरकार का फोकस इन सभी पोतों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर है।

जहाजों को निकालने के लिए तैयार की गई विशेष योजना

अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पूरी रणनीति का खुलासा नहीं किया है। हालांकि बताया गया है कि जहाजों की आवाजाही और प्राथमिकता तय करने का काम विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा उर्वरक मंत्रालय के समन्वय से किया जा रहा है। किस जहाज को पहले सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा, इसका निर्णय उसकी उपयोगिता और कार्गो की प्रकृति को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।

भारत पहुंचने लगे हैं कई जहाज

सरकारी प्रयासों का असर भी दिखाई देने लगा है। हालिया जानकारी के मुताबिक, करीब 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा एक बड़ा क्रूड ऑयल टैंकर सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है और उसके भारत पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस संवेदनशील मार्ग को पार कर चुके हैं, जबकि कुछ अन्य अब भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं।

शिप ट्रैकिंग डेटा पर भी बनी हुई है नजर

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जहाज ट्रैकिंग डेटा को लेकर उठ रहे सवालों पर अधिकारियों का कहना है कि ये वाणिज्यिक प्लेटफॉर्म हैं, जिनकी जानकारी कोई भी प्राप्त कर सकता है। हालांकि फिलहाल यही डेटा सरकार और संबंधित एजेंसियों को जहाजों की स्थिति पर नजर रखने और उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।

तनाव के बावजूद जारी है भारत का समुद्री व्यापार

क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को बनाए रखा है। कई भारतीय जहाज इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज मार्ग से तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां की स्थिति का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ता है।

ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की विशेष नजर

सरकार लगातार हालात की निगरानी कर रही है और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित होने से बचाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि भारतीय जहाजों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

 

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