UP में उगेगा 2 लाख रुपये किलो वाला आम! आजमगढ़ में तैयार हो रहा जापानी मियाजाकी का मदर प्लांट

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आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल जापानी मियाजाकी आम की खेती की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र लैदौरा में मियाजाकी आम का मदर प्लांट तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए कलम तैयार कर किसानों और बागवानों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है।

कलम से तैयार होंगे पौधे, 3 से 5 साल में देंगे फल

कृषि विज्ञान केंद्र में तैयार किए गए मियाजाकी आम के पौधों का उपयोग मदर प्लांट के रूप में किया जा रहा है। उद्यान वैज्ञानिक इन पौधों से कलम तैयार करेंगे, जिससे नए पौधे विकसित किए जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार कलम से तैयार पौधे तीन से पांच साल में फल देने लगते हैं, जबकि बीज से तैयार पौधों में फल आने में लगभग 10 साल का समय लग सकता है।

70 हजार से 2 लाख रुपये किलो तक पहुंचती है कीमत

जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम अपने स्वाद, खुशबू और विशेष गुणों के कारण दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाती है। वहीं विभिन्न बाजारों में इसकी कीमत 70 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक देखी गई है।

लाल-जामुनी रंग बनाता है इसे खास

मियाजाकी आम की पहचान उसका आकर्षक रंग है। इसका छिलका गहरे लाल-जामुनी और हरे रंग के मिश्रण वाला होता है। यह आम चमकदार दिखता है और अपने मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है।

सोनभद्र में भी लगाया गया है मियाजाकी का पौधा

सोनभद्र जिले के छपका गांव में भी मियाजाकी आम का पौधा लगाया गया है। जानकारी के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता उमेशधर दुबे ने पिछले वर्ष 15 अगस्त को अपने बाग में इसका पौधा रोपा था।

जुलाई से सितंबर तक पौधरोपण का सबसे उपयुक्त समय

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि मियाजाकी आम का पौधा पुणे की नर्सरी से लाकर लगाया गया है और इसे मदर प्लांट के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कलम से तैयार पौधों के रोपण के लिए जुलाई से सितंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

कोलकाता और पुणे की नर्सरियों में मिलते हैं पौधे

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के कोलकाता और महाराष्ट्र के पुणे स्थित कुछ नर्सरियों में मियाजाकी आम के पौधे उपलब्ध हैं। एक पौधे की कीमत 1500 रुपये से 5000 रुपये तक होती है। मध्य प्रदेश के जबलपुर और ओडिशा में भी इसकी खेती शुरू हो चुकी है।

आजमगढ़ में आम की खेती का बड़ा रकबा

आजमगढ़ जिले के रानी की सराय, मिर्जापुर, अहरौला और पवई ब्लॉक आम उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र माने जाते हैं। इन चारों ब्लॉकों के लगभग 12 प्रतिशत क्षेत्रफल में आम के बाग मौजूद हैं।

 

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