गौतमबुद्धनगर: जिले में सुरक्षित और सुचारु यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पांडेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, यातायात व्यवस्था सुधारने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा की गई।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार के निर्देश
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने दुर्घटना संभावित स्थलों पर किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों की जानकारी ली और संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क संकेतक, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टर, डिवाइडर और गति नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट संकेतक और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था वाहन चालकों को समय रहते जरूरी जानकारी उपलब्ध कराकर सुरक्षित सफर में मदद करती है।
अवैध पार्किंग और यातायात नियमों के पालन पर जोर
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, अवैध पार्किंग पर रोक लगाने और वाहनों की फिटनेस जांच के साथ यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरणों और सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार जरूरी सुधार कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा गया।
घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने पर फोकस
बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों और पुलिस विभाग को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिलना जीवन बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए अस्पतालों, पुलिस और आपातकालीन सहायता सेवाओं के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस उपचार प्रक्रिया की जानकारी
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने शासन द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
उन्होंने अस्पतालों में उपचार से संबंधित विवरण दर्ज करने, ई-डीएआर पोर्टल पर मामलों को भेजने और पुलिस सत्यापन समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए विभागों और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी करने पर भी चर्चा की गई।
जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने और यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए।
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय समेत पुलिस, यातायात पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरणों, सड़क निर्माण एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।