गौतमबुद्धनगर में मेगा विधिक सहायता शिविर, करीब 300 लोगों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ; बांटे गए आयुष्मान कार्ड
गौतमबुद्धनगर: सूरजपुर स्थित जनपद दीवानी न्यायालय परिसर में रविवार, 1 नवंबर 2026 को मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित इस शिविर का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने रिबन काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर के माध्यम से करीब 300 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। इस दौरान पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड और प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए गए।
एक परिसर में जुटे कई विभाग, योजनाओं की दी गई जानकारी
शिविर का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को न्याय और समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना था। इसके लिए विभिन्न विभागों की ओर से विशेष स्टॉल लगाए गए। जनपद न्यायाधीश और मुख्य विकास अधिकारी ने इन स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से योजनाओं और लाभार्थियों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
शिविर में प्रोबेशन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि, जल शक्ति, पंचायती राज, स्वच्छ भारत मिशन-2, बैंकिंग योजनाओं, नेडा, जिला उद्योग केंद्र और कौशल विकास मिशन सहित कई विभागों ने सहभागिता की।
इसके अलावा पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य, नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, श्रम, चिकित्सा, वन, पूर्ति, बाल विकास एवं पुष्टाहार, परिवहन, पुलिस, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा तथा नगरीय विकास विभाग के स्टॉल भी लगाए गए।
इन स्टॉलों के जरिए लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई। इससे आमजन को एक ही स्थान पर कई विभागों की सेवाओं और योजनाओं को समझने का अवसर मिला।
नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से किया जागरूक
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, विधिक जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश दिया गया। विभिन्न विभागों ने पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने के साथ आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।
आयोजकों के अनुसार, शिविर के जरिए लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
निःशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं के महत्व पर जोर
कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश और मुख्य विकास अधिकारी ने विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पात्र, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मददगार हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी या संसाधनों की कमी के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
करीब 300 लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा गया
शिविर में पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड और प्रशस्ति पत्र दिए गए। विभिन्न विभागों ने योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाने के साथ जरूरी सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। विधिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल कल्याण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को एक मंच पर लाया गया।
इस आयोजन के माध्यम से करीब 300 लाभार्थियों को अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला। कार्यक्रम में विभागीय समन्वय मजबूत करने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, एडिशनल सीपी अजय कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव शिवानी रावत, अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सोमप्रभा मिश्रा और प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह सहित पुलिस, जिला प्रशासन और न्यायिक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।