भरूच की जामा मस्जिद पर नया विवाद! मूर्तियों और अवशेषों के दावों के बाद बढ़ी हलचल, प्रशासन हाई अलर्ट पर
भरूच: गुजरात के भरूच स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद को लेकर नया विवाद सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। एक संगठन ने मस्जिद परिसर में हिंदू और जैन परंपराओं से जुड़े कथित अवशेषों और मूर्तियों के मौजूद होने का दावा किया है। दावों के सामने आने के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
दावों के बाद बढ़ी सियासी और सामाजिक चर्चा
मामला उस समय चर्चा में आया जब एक संगठन ने दावा किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में मौजूद जामा मस्जिद परिसर में हिंदू और जैन धर्म से जुड़े अवशेष मौजूद हैं। संगठन का कहना है कि यदि ऐसे अवशेष वहां मौजूद हैं तो उनके संरक्षण और रखरखाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
15 जून को बड़ी सभा का ऐलान
संगठन ने 15 जून को एक सभा आयोजित करने की घोषणा की है। दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। सभा के बाद कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचकर स्मारक में मौजूद कथित मूर्तियों और अवशेषों के संरक्षण की मांग उठाई जाएगी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम और मजबूत कर दिए हैं।
वीडियो के आधार पर किया गया दावा
अभियान से जुड़े स्वामी मुक्तेश्वरानंद का कहना है कि उनके पास एक वीडियो है, जिसे कथित तौर पर पुरातत्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रिकॉर्ड किया गया था। उनका दावा है कि वीडियो में स्मारक के निचले हिस्से में कुछ प्राचीन मूर्तियां दिखाई देती हैं, जो खराब अवस्था में हैं। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक गतिविधि में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की मांग करना है।
ट्रस्ट ने दावों पर जताई आपत्ति
जामा मस्जिद ट्रस्ट से जुड़े अब्दुल कामथी ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह संरक्षित स्मारक है और प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश संभव नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित अधिकारियों ने किसी प्रकार की वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति दिए जाने की बात से इनकार किया है।
‘शांति बिगाड़ने की कोशिश’ का आरोप
ट्रस्ट का कहना है कि इस स्थल पर सैकड़ों वर्षों से नमाज अदा की जाती रही है और विभिन्न समुदायों के लोग भी यहां आते रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग इस मुद्दे को उछालकर क्षेत्र की शांति और सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, हर गतिविधि पर नजर
संभावित भीड़ और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मस्जिद परिसर समेत आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
दावों की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
फिलहाल मस्जिद परिसर में कथित मूर्तियों और अवशेषों की मौजूदगी को लेकर कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रशासन पूरे मामले को कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से संभालते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।