गौतमबुद्धनगर में किसान दिवस पर 200 किसानों ने उठाईं समस्याएं, फार्मर रजिस्ट्री और पीएम किसान से जुड़ी शिकायतों का मौके पर निस्तारण

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गौतमबुद्धनगर: जिले में किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को विकास भवन परिसर में किसान दिवस एवं जनपद स्तरीय कृषि गोष्ठी और मेले का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में करीब 200 किसानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन, फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, कृषि यंत्रों पर अनुदान और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान बताए

किसान दिवस के अवसर पर फसल अवशेषों के खेत में ही प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए इन-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जनपद स्तरीय गोष्ठी और मेले का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने किसानों को फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी पर जागरूकता

उप कृषि निदेशक विवेक दुबे ने किसानों को फसल अवशेष नहीं जलाने, फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में खाद की खरीद, बीज अनुदान और अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक हो सकती है। किसानों से समय रहते इससे जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई।

कृषि यंत्रों पर अनुदान की जानकारी

कार्यक्रम में किसानों को इन-सीटू योजना के तहत उपलब्ध कृषि यंत्रों और उन पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी भी दी गई। इनमें मल्चर, एमबी प्लाऊ, जीरो सीड ड्रिल, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, श्रेडर, श्रममास्टर, रीपर कंबाइनर और क्रॉप रीपर सहित अन्य कृषि यंत्र शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पात्र किसानों को अनुदान की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।

इसके अलावा किसानों को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से अनुदान देकर प्रोत्साहित किए जाने की जानकारी भी दी गई।

कृषि वैज्ञानिकों ने बताए फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके

कृषि विज्ञान केंद्र, छौलस, विकास खंड दादरी के वैज्ञानिक मोहन सिंह और घनश्याम सिंह ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया और पर्यावरण की सुरक्षा तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए अवशेष नहीं जलाने की अपील की। इस दौरान किसानों के हित में कृषि विभाग की ओर से कराए गए कार्यक्रमों की प्रगति भी प्रस्तुत की गई।

कृषि से जुड़े विभागों ने साझा की योजनाओं की जानकारी

किसानों की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में सिंचाई, ऊर्जा, कृषि उत्पादन, कृषि, उद्यान, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी किसानों को अपने विभाग और संबंधित योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। अंत में उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर ने उपस्थित किसानों, कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

 

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