ऑपरेशन टाइगर से बढ़ी हलचल: उद्धव ठाकरे की आज दिल्ली में अहम बैठक, 2 बागी सांसदों की मौजूदगी पर टिकी निगाहें
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का केंद्र बने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संगठन को एकजुट रखने के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। संभावित राजनीतिक उठापटक के बीच आज दिल्ली में पार्टी सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि जिन सांसदों के बागी तेवरों की चर्चा चल रही है, उनमें से दो सांसद इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली में सांसदों की अहम बैठक आज
जानकारी के अनुसार सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित पार्टी के संसदीय कार्यालय में सांसदों की बैठक आयोजित की गई है। पार्टी नेतृत्व इस बैठक के जरिए मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा करने के साथ-साथ आगे की रणनीति पर भी विचार कर सकता है।
दो बागी सांसदों के शामिल होने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक जिन छह सांसदों के बागी रुख अपनाने की अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें से दो अब भी पार्टी नेतृत्व के संपर्क में बताए जा रहे हैं। ऐसे में उनकी बैठक में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में खास उत्सुकता बनी हुई है।
विधायकों को भी साधने में जुटे उद्धव
सांसदों के साथ-साथ पार्टी विधायकों को एकजुट रखने की कवायद भी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में 22 जून को मुंबई स्थित शिवालय कार्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा होने की संभावना है।
टूट की अटकलों के बीच संगठन बचाने की कोशिश
राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि सांसदों के संभावित अलग रुख की खबरों के बीच पार्टी नेतृत्व लगातार संवाद और बैठकों के जरिए संगठन में एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि दिल्ली और मुंबई में लगातार बैठकों का दौर शुरू किया गया है।
लोकसभा अध्यक्ष से मिले दोनों पक्ष
बुधवार को राजनीतिक घटनाक्रम उस समय और तेज हो गया जब पार्टी नेतृत्व और बागी माने जा रहे सांसदों ने अलग-अलग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। पार्टी नेताओं ने आग्रह किया कि इस मामले में कोई भी निर्णय नियमों, संविधान और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया जाए।
अलग गुट की मान्यता मांग सकते हैं बागी सांसद
सूत्रों के अनुसार बागी सांसदों का समूह दावा कर रहा है कि उसे लोकसभा में पार्टी के नौ सांसदों में से छह का समर्थन प्राप्त है। बताया जा रहा है कि बागी खेमे की लोकसभा अध्यक्ष के साथ जल्द औपचारिक बैठक हो सकती है, जिसमें अलग गुट के रूप में मान्यता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की मांग उठाई जा सकती है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर सबकी नजर
दिल्ली में होने वाली आज की बैठक और आने वाले दिनों में प्रस्तावित राजनीतिक गतिविधियों को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बागी सांसदों के अगले कदम और पार्टी नेतृत्व की रणनीति पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।