मेरठ खंड स्नातक-शिक्षक निर्वाचन को लेकर तैयारियां तेज, डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध व्यवस्था पूरी करने के निर्देश

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गौतमबुद्धनगर: मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रभारी और सहायक प्रभारी अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई और सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

29 सितंबर को जारी होगी निर्वाचन की अधिसूचना

बैठक में बताया गया कि निर्वाचन की अधिसूचना 29 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी। नाम निर्देशन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। नाम निर्देशनों की संवीक्षा 7 अक्टूबर को होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

इसके बाद 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी और निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी करा ली जाएगी।

मतदाता सूची से लेकर मतपत्र और मतदान केंद्रों तक की समीक्षा

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी प्रभारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और सभी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में मतदान कार्मिकों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, मतदाता सूची, मतदेय स्थलों की व्यवस्था, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन, कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन, लेखन सामग्री और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता तथा मतपत्रों की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

इसके अलावा प्रेक्षक व्यवस्था, वीडियोग्राफी और वेबकास्टिंग, रूट चार्ट, कम्युनिकेशन प्लान तथा डीईएमपी से जुड़ी तैयारियों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक व्यवस्था समय से पूरी करने और उसकी अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने को कहा गया।

दिव्यांग मतदाताओं और मतदान कार्मिकों की सुविधाओं पर भी जोर

बैठक में दिव्यांग मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं, मतदान कार्मिकों के भोजन, यात्रा भत्ता, टेंट एवं फर्नीचर, गोदरेज टाइप बैलेट बॉक्स, कंट्रोल रूम की स्थापना एवं संचालन और चिकित्सा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्रों पर सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए और निर्वाचन ड्यूटी में लगाए जाने वाले कार्मिकों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। परिवहन व्यवस्था और रूट चार्ट इस तरह तैयार करने के निर्देश दिए गए कि मतदान कार्मिकों तथा निर्वाचन सामग्री का आवागमन निर्धारित समय पर सुनिश्चित हो सके।

कानून-व्यवस्था और आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी ने कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए संवेदनशील और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और अपने-अपने विभागों की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने को कहा।

उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी समस्या या आवश्यकता की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रियंका, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पांडेय, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरूण कुमार, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

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