चुनावी पंपलेट-पोस्टर छापने से पहले नियमों का पालन करें प्रिंटिंग प्रेस संचालक, जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश
गौतमबुद्धनगर डेस्क: विधान परिषद मेरठ खंड स्नातक/शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-2026 की घोषणा के बाद गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्वाचन सामग्री के मुद्रण और प्रकाशन को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि चुनाव से जुड़े पंपलेट, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री की छपाई भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाए।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौतमबुद्धनगर ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127क के तहत निर्वाचन पंपलेट और पोस्टर के मुद्रण एवं प्रकाशन के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत किसी भी चुनावी सामग्री के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम व पता अनिवार्य रूप से दर्ज होना चाहिए।
बिना घोषणा के नहीं होगी चुनावी सामग्री की छपाई
निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि कोई भी प्रिंटिंग प्रेस संचालक ऐसी चुनावी सामग्री की छपाई नहीं करेगा, जिसके प्रकाशक की पहचान संबंधी घोषणा उपलब्ध न हो। पंपलेट या पोस्टर छपवाने वाले व्यक्ति की ओर से हस्ताक्षरित घोषणा पत्र देना जरूरी होगा, जिसे ऐसे दो लोगों द्वारा सत्यापित किया जाएगा, जो संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन सामग्री के प्रकाशन में धार्मिक, जातीय, भाषाई या सामुदायिक आधार पर अपील करने वाली सामग्री अथवा किसी विरोधी के चरित्र हनन से संबंधित प्रचार सामग्री का मुद्रण नहीं किया जाएगा।
तीन दिन के भीतर जमा करनी होंगी प्रतियां
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुद्रित सामग्री के प्रकाशन के तीन दिन के भीतर उसकी चार प्रतियां, निर्धारित परिशिष्ट क और ख के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करनी होंगी। यह जिम्मेदारी संबंधित मुद्रक और प्रकाशक की होगी।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति को छह महीने तक कारावास, दो हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों दंड का प्रावधान है।
जिला प्रशासन ने सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों से अपील की है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।