गर्मी में भी टूरिज्म का हॉटस्पॉट बनेगा राजस्थान, पर्यटन विभाग ने लॉन्च किया ‘राजस्थान इन समर’ अभियान
जयपुर: राजस्थान अब सिर्फ सर्दियों का नहीं, बल्कि पूरे साल घूमने लायक पर्यटन राज्य बनने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में राजस्थान पर्यटन विभाग ने गर्मियों के मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए “राजस्थान इन समर” अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मकसद राज्य को एक “ईयर राउंड टूरिज्म डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करना है।
राजस्थान को सालभर पर्यटन केंद्र बनाने की पहल
पर्यटन विभाग के अनुसार यह अभियान “विज़िट माई स्टेट” और “हॉलिडे इन राजस्थान” जैसी पहलों के साथ मिलकर चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य गर्मियों के दौरान भी घरेलू और विदेशी पर्यटकों को राजस्थान की ओर आकर्षित करना है।
विभाग का मानना है कि ऑफ-सीजन यानी गर्मियों में पर्यटक राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहलुओं को अधिक शांत और गहराई से अनुभव कर सकते हैं।
थीम आधारित पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
अभियान के तहत राजस्थान के विभिन्न शहरों को अलग-अलग थीम पर प्रमोट किया जाएगा। उदयपुर को झीलों के सवेरे और शाम के खूबसूरत अनुभवों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि बूंदी को उसकी ऐतिहासिक गलियों और बावड़ियों के जरिए “हिडन हेरिटेज डेस्टिनेशन” के रूप में विकसित किया जाएगा।
जयपुर और जोधपुर में महलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और हेरिटेज स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर और थार के रेगिस्तान को “सोलो ट्रैवल” और डेजर्ट एक्सपीरियंस के प्रमुख केंद्र के रूप में पेश किया जाएगा।
वन्यजीव और एडवेंचर टूरिज्म पर भी फोकस
रणथंभौर नेशनल पार्क जैसे वन्यजीव स्थलों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है, जहां गर्मियों में जानवरों की अधिक गतिविधियों को पर्यटकों के लिए आकर्षण के रूप में प्रचारित किया जाएगा। इससे ऑफ-सीजन में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहने की उम्मीद है।
डिजिटल कैंपेन और अनुभव आधारित प्रचार रणनीति
पर्यटन विभाग इस अभियान में पारंपरिक विज्ञापन के बजाय डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया रील्स और वीडियो स्टोरीटेलिंग पर जोर दे रहा है। विभाग का फोकस “अनुभव आधारित पर्यटन” को बढ़ावा देने पर है, ताकि पर्यटक केवल स्थलों को देखने के बजाय यादगार अनुभव लेकर लौटें।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस अभियान में होटल उद्योग, हेरिटेज प्रॉपर्टी संचालकों, ट्रेवल एजेंसियों और स्थानीय कलाकारों को भी जोड़ा जा रहा है। सरकार का मानना है कि ऑफ-सीजन टूरिज्म बढ़ने से स्थानीय रोजगार और छोटे पर्यटन कारोबार को सीधा लाभ मिलेगा।
राजस्थान की बदलती पर्यटन पहचान
पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि राजस्थान की पहचान केवल सर्दियों के पर्यटन राज्य के रूप में सीमित न रहे, बल्कि यह सालभर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। इसके साथ ही कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की तैयारी है।