RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में हड़कंप! सेंसेक्स 450 अंक टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे; Titan-SBI Life में भारी गिरावट
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के रेपो रेट पर फैसले से पहले घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों की घबराहट बढ़ती नजर आई। बुधवार को कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 22,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में ऑटो, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
सेंसेक्स 449 अंक गिरा, निफ्टी भी फिसला
कारोबार शुरू होते ही बिकवाली हावी हो गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 449.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,618.31 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 161.40 अंक यानी 0.71 प्रतिशत टूटकर 22,614.70 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में व्यापक बिकवाली के चलते तेजी और गिरावट वाले शेयरों का अनुपात भी कमजोर रहा। शुरुआती कारोबार में करीब 971 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1,379 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, 181 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
फार्मा और टेलीकॉम के चुनिंदा शेयरों ने संभाला मोर्चा
बाजार में चौतरफा गिरावट के बावजूद फार्मा और टेलीकॉम क्षेत्र के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। डॉ. रेड्डीज लैब्स 0.99 प्रतिशत की बढ़त के साथ शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में रहा। इसके अलावा सिप्ला में 0.63 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 0.61 प्रतिशत, कोल इंडिया में 0.29 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 0.06 प्रतिशत की तेजी रही।
दूसरी ओर, उपभोक्ता और वाहन क्षेत्र के शेयरों पर बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा। टाइटन कंपनी 3.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान में रही। एसबीआई लाइफ में 2.06 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 1.59 प्रतिशत, हिंडाल्को में 1.56 प्रतिशत और श्रीराम फाइनेंस में 1.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.48 प्रतिशत, मारुति 1.40 प्रतिशत और इंडिगो 1.37 प्रतिशत नीचे कारोबार करते दिखे।
रेपो रेट के फैसले से पहले निवेशक सतर्क
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आरबीआई की ओर से ब्याज दरों को लेकर घोषणा से पहले निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। मौद्रिक नीति के फैसले को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है, जिसका असर शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई दिया।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी सुस्ती और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा ने भी भारतीय शेयर बाजार की अस्थिरता बढ़ाई है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आरबीआई के रेपो रेट पर आने वाले फैसले के साथ-साथ वैश्विक बाजारों के संकेतों पर भी बनी हुई है।