गौतमबुद्धनगर: बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने और जनपद में सुरक्षा एवं राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को शक्ति सदन गेस्ट हाउस, सेक्टर-38 नोएडा में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने की। इस दौरान बाढ़ से जुड़े विभिन्न विभागों की तैयारियों, नदियों के जलस्तर, तटबंधों, बाढ़ चौकियों और राहत-बचाव की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
प्रभारी मंत्री ने दिए समन्वय के साथ तैयारियां पूरी करने के निर्देश
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहें। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने को कहा। विशेष रूप से तीनों प्राधिकरणों और पुलिस विभाग के साथ प्रभावी तालमेल बनाकर बाढ़ से बचाव तथा राहत कार्यों की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण करने और वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके, इसके लिए व्यवस्थाओं को लगातार दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
तटबंधों की मरम्मत पूरी, संवेदनशील स्थानों पर सामग्री का पर्याप्त भंडार
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़काल के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तटबंधों की आवश्यक मरम्मत का काम पूरा करा लिया गया है। इसके अलावा रैटहोल्स और गड्ढों की भी मरम्मत कराई जा चुकी है।
बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर स्प्लिट स्टोन, मिट्टी से भरी सीमेंट की बोरियां, बल्लियां समेत अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडार भी तैयार रखा गया है।
दो बाढ़ कक्ष 24 घंटे सक्रिय, 17 प्रशासनिक चौकियां स्थापित
बाढ़ के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और जलस्तर की लगातार निगरानी के लिए ओखला बैराज स्थित बाढ़ कक्ष और जनपद गाजियाबाद स्थित सिंचाई निर्माण खंड कार्यालय के बाढ़ कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है।
जनपद गौतमबुद्धनगर में सिंचाई विभाग की दो बाढ़ चौकियां याकूतपुर और कामनगर में स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त प्रशासन की ओर से 17 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के लिए सात ग्रामीण बाढ़ समितियों का भी गठन किया गया है।
यमुना और हिंडन के तटबंध सुरक्षित, लगातार हो रही जलस्तर की निगरानी
बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड, गाजियाबाद ने नदियों के वर्तमान जलस्तर और डिस्चार्ज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यमुना और हिंडन नदी पर बने सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है।
अधिकारियों के अनुसार किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।
उन्होंने बाढ़ चौकियों, तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और आवश्यक संसाधनों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। जहां कहीं भी कोई कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराने को कहा गया। इसके साथ ही आम लोगों को समय पर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने और बाढ़ की स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्ययोजना को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, उप जिलाधिकारी दादरी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कंचन, सहायक अभियंता सिंचाई, खंड विकास अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी प्रभारी मंत्री को दी।