कोयंबटूर: तमिलनाडु के कोयंबटूर से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कब्रिस्तान में दफनाए गए व्यक्ति की कब्र कथित तौर पर खोदकर उसके शव के साथ दफन सोने के गहने चोरी कर लिए गए। घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार के लोग 16वें दिन की रस्में निभाने कब्रिस्तान पहुंचे। मामले के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस के अनुसार, पीलामेडु थाने में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत सौरीपालयम क्षेत्र के रहने वाले के. वेंकटेश ने दर्ज कराई है। आरोपियों की पहचान शक्तिवेल, मणिकंडन और कार्तिकेयन के रूप में हुई है, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
मछली विक्रेता की मौत के बाद गहनों समेत किया गया था दफन
जानकारी के मुताबिक, सौरीपालयम निवासी 60 वर्षीय नागराज का 6 जून को बीमारी के चलते निधन हो गया था। अगले दिन परिवार ने उन्हें स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया। परिजनों का कहना है कि नागराज को मछली के आकार वाले पेंडेंट से सजी सोने की चेन बेहद प्रिय थी और वह इसे हमेशा पहनते थे।
इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते परिवार ने अंतिम संस्कार से पहले चेन नहीं उतारी और उन्हें उसी के साथ दफना दिया।
16वें दिन की रस्म के दौरान सामने आई सच्चाई
जब नागराज के बेटे वेंकटेश कुमार और अन्य रिश्तेदार 16वें दिन की धार्मिक रस्में निभाने कब्रिस्तान पहुंचे, तो उन्हें कब्र के आसपास की मिट्टी असामान्य रूप से उखड़ी हुई दिखाई दी। कब्र को देखकर उन्हें संदेह हुआ कि हाल ही में वहां छेड़छाड़ की गई है।
परिवार ने कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले कर्मचारी कार्तिकेयन से इस बारे में पूछताछ की। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि दो अन्य लोगों के साथ मिलकर कब्र खोदी गई थी और शव के साथ दफन सोने की चेन निकाल ली गई।
सोने की चेन चोरी कर फरार हुए आरोपी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने शव से लगभग 24 से 28 ग्राम वज़न की सोने की चेन निकाल ली और मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद से तीनों संदिग्ध फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
तमिलनाडु में गैस रिसाव हादसे में सात की मौत
इसी बीच तमिलनाडु से एक और बड़ी घटना सामने आई है। पेरियापालयम के निकट मनजंगरनई स्थित एक निजी समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव के कारण सात लोगों की मौत हो गई। हादसे में प्रभावित 67 कर्मचारियों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
प्रशासन के अनुसार, 46 लोगों का उपचार वेल्स अस्पताल में और 21 लोगों का इलाज वेंकटेश्वर अस्पताल में जारी है। अधिकारियों की निगरानी में राहत और उपचार कार्य चल रहा है।