UP MLC Election 2026: 11 सीटों पर भाजपा-सपा की सीधी भिड़ंत, गोरखपुर से आगरा तक सीएम योगी ने संभाली चुनावी कमान

0 27

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर होने वाला चुनाव भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। राजनीतिक दल इसे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल मान रहे हैं। भाजपा ने सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य तय किया है, जबकि सपा चुनावी समीकरणों और अपने राजनीतिक संदेश के सहारे मुकाबले को मजबूत बनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गोरखपुर से लेकर आगरा तक चुनाव प्रचार और संगठनात्मक रणनीति की कमान संभाल रहे हैं।

भाजपा ने तेज किया चुनावी माइक्रोमैनेजमेंट

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 अक्टूबर को वाराणसी में एमएलसी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की थी। वाराणसी स्नातक खंड से भाजपा ने केदारनाथ सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जिनका मुकाबला सपा के एमएलसी आशुतोष सिन्हा से होगा। वहीं शिक्षक खंड में भाजपा के प्रमोद मिश्रा के सामने सपा के लाल बिहारी यादव मैदान में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अक्टूबर को गोरखपुर में करीब 12 हजार शिक्षकों से संवाद कर चुनावी माहौल को धार दी।

गोरखपुर-अयोध्या सीट पर सबकी नजर

गोरखपुर-अयोध्या स्नातक खंड का चुनाव सबसे अहम मुकाबलों में माना जा रहा है। 17 जिलों में फैली इस सीट पर भाजपा ने ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सपा ने संजयन त्रिपाठी पर दांव लगाया है। माना जा रहा है कि इस सीट का परिणाम गोरखपुर, अयोध्या और आजमगढ़ मंडल की आगामी विधानसभा राजनीति पर भी असर डाल सकता है।

वाराणसी से प्रयागराज तक लगातार प्रचार अभियान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अक्टूबर को बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में सम्मेलन किया। 14 अक्टूबर को उनका वाराणसी में स्नातक खंड के प्रत्याशी के पक्ष में संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है, जबकि 15 अक्टूबर को मिर्जापुर में शिक्षक खंड के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करेंगे।

इसी दिन मुख्यमंत्री प्रयागराज में भी डेरा डालेंगे, जहां प्रयागराज-झांसी स्नातक खंड से भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार राठौर का मुकाबला सपा के डॉ. मान सिंह यादव से है। इस सीट पर शिक्षक नेता सुरेश त्रिपाठी को टिकट न मिलने के बाद भाजपा के एक वर्ग की नाराजगी की भी चर्चा है।

आगरा और मेरठ-सहारनपुर में भी रणनीतिक फोकस

16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आगरा में चुनावी रणनीति को धार देंगे। यहां भाजपा ने डॉ. मानवेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सपा ने शशांक यादव को मैदान में उतारा है। निर्दलीय प्रत्याशी अमरीशपाल सिंह जादौन के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

आगरा शिक्षक खंड में भाजपा के हरिकिशोर तिवारी के सामने सपा के आकाश अग्रवाल चुनाव मैदान में हैं। इसी दिन मुख्यमंत्री गाजियाबाद में मेरठ-सहारनपुर स्नातक और शिक्षक खंड के भाजपा उम्मीदवारों दिनेश गोयल और श्रीचंद शर्मा के समर्थन में भी रणनीतिक बैठक करेंगे।

लखनऊ सम्मेलन के साथ अभियान का समापन चरण

मुख्यमंत्री 17 अक्टूबर को लखनऊ में सम्मेलन कर स्नातक सीट से भाजपा प्रत्याशी अवनीश सिंह और शिक्षक सीट से उम्मीदवार उमेश द्विवेदी के पक्ष में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। भाजपा संगठन ने पन्ना प्रमुख की तर्ज पर मतदाता प्रमुख नियुक्त किए हैं, जिन्हें 30 से 100 मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

2027 विधानसभा चुनाव का संकेत माने जा रहे नतीजे

हालांकि चुनाव केवल 11 एमएलसी सीटों के लिए हो रहा है, लेकिन इसका दायरा प्रदेश के 75 में से 72 जिलों तक फैला हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस चुनाव पर इसलिए भी है क्योंकि इसके नतीजों को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल का संकेत माना जा रहा है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.