मिडिल ईस्ट में भड़की जंग! अमेरिकी नेवी ठिकाने पर ईरानी हमला, MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा; जॉर्डन में भी निशाने पर सैन्य अड्डे

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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव अब खुले सैन्य टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनातनी के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उपकरणों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।

ईरान की ओर से दावा किया गया है कि अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय, जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस और एक अत्याधुनिक MQ-9 ड्रोन को निशाना बनाया गया है। वहीं अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई का दावा कर चुका है, जिसके बाद क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े पर हमले का दावा

IRGC ने अपने बयान में कहा है कि उसने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर ड्रोन हमला किया। दावा किया गया कि यह कार्रवाई बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे की गई।

ईरान ने इस हमले को अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के जवाब में उठाया गया कदम बताया है। हमले के बाद बहरीन प्रशासन ने एहतियातन हाई अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जॉर्डन के सैन्य ठिकाने भी बने निशाना

ईरानी पक्ष का दावा है कि जॉर्डन में स्थित अमेरिका के अल अजराक एयर बेस पर भी कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। दावा किया गया है कि हमलों में लड़ाकू विमानों के शेल्टर और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर प्रभावित हुए हैं।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। क्षेत्र में जारी तनाव के बीच दोनों पक्षों की ओर से लगातार सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आ रही हैं।

MQ-9 ड्रोन गिराने का भी दावा

ईरान ने यह भी दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया गया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार यह ड्रोन उत्तर खाड़ी क्षेत्र से युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था।

MQ-9 ड्रोन को अमेरिकी सेना के सबसे उन्नत निगरानी और हमलावर ड्रोन प्लेटफॉर्म में गिना जाता है, इसलिए इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

अमेरिका ने भी शुरू की जवाबी कार्रवाई

इससे पहले अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने जानकारी दी थी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ‘सेल्फ-डिफेंस’ स्ट्राइक शुरू की थी।

अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई उनके सैन्य हेलीकॉप्टर अपाचे को गिराए जाने के जवाब में की गई। अमेरिका ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमानों ने होर्मुज के आसपास ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।

दोनों पक्षों के तेवर सख्त

IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपनी सैन्य गतिविधियां नहीं रोकीं तो और भी बड़े हमले किए जा सकते हैं। वहीं अमेरिका भी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के संकेत दे चुका है।

मौजूदा स्थिति में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

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