महिला समूहों के उत्पाद अब बड़े बाजार तक पहुंचेंगे? ट्रेड शो में 30 एमओयू, डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस बनाने की तैयारी

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ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार और खरीदारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित बायर-सेलर बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों और नामी कंपनियों के बीच करीब 30 एमओयू किए गए। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में हुए इन समझौतों का उद्देश्य महिला समूहों के कारोबार को बड़े खरीदारों और बाजार से जोड़ना है। मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रेड शो में हुए सभी समझौतों की लगातार निगरानी की जाए और उन्हें धरातल पर उतारा जाए।

डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस से खुलेगा बड़ा बाजार

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगले सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस तैयार कराने की व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की ड्रेस बनाने का काम मिलने से महिला समूहों के लिए रोजगार और कारोबार का नया अवसर तैयार होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को लखपति दीदी से आगे करोड़पति दीदी बनाने का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। योगी सरकार में महिलाएं सुरक्षित होने के साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं।

बड़े खरीदारों के सामने महिलाओं ने रखे उत्पाद

बायर-सेलर सत्र में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत किए। इसका उद्देश्य उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं और बड़े खरीदारों के बीच सीधा कारोबारी संपर्क स्थापित करना था।

कार्यक्रम में लघु फिल्म के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं की सफलता की कहानियां भी दिखाई गईं। प्रेरणा कैंटीन और सरस हाट के जरिए आगे बढ़ीं महिलाओं के अनुभव भी साझा किए गए।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि लाखों महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में आगे बढ़ रही हैं। ट्रेड शो महिला समूहों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच और संभावित खरीदारों से जोड़ने का अवसर दे रहा है।

पांच लाख के ऋण से शुरू किया कारोबार, अब छह लाख तक पहुंची सालाना बिक्री

सिद्धार्थनगर के आजाद स्वयं सहायता समूह की सरोज देवी ने बताया कि उन्होंने पांच लाख रुपये का ऋण लेकर कारोबार शुरू किया था। सरकारी सहयोग से ऋण चुकाने के बाद उनका सालाना कारोबार अब छह लाख रुपये तक पहुंच गया है।

अमरोहा की प्रियांशी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कौशल्या ने तीन लाख रुपये के ऋण से मसाला कारोबार शुरू किया। उन्होंने बताया कि उनका वार्षिक कारोबार भी छह लाख रुपये से अधिक हो चुका है। वहीं नवी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की शफीका ने बताया कि उनका कारोबार 10 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है।

एमओयू से उत्पादन के साथ बाजार भी मिलेगा

ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए खरीदार कंपनियों के साथ एमओयू की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की पहल है। इससे महिलाओं को उत्पादन के साथ अपने उत्पादों के लिए बाजार भी मिल सकेगा।

कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार, संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद और चंद्रशेखर मौजूद रहे।

 

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