नौकरी की तलाश से आगे बढ़े युवा, समस्याओं के समाधान का दिया आइडिया; यूपी राइज में रिएक्ट हाइड्रोजेल अव्वल, ‘साथी’ रनर-अप
ग्रेटर नोएडा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन के तहत युवाओं की ऊर्जा और नई सोच को अवसरों से जोड़ने की दिशा में यूपी राइज ने युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप के लिए मंच दिया। बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा युनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने स्वास्थ्य, रोजगार और कारोबार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अपने विचार और परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। किसी ने पशुओं के घाव के उपचार को आसान बनाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट हाइड्रोजेल तैयार किया तो किसी ने कारोबारियों और कुशल कामकाजी लोगों के बीच बेहतर तालमेल के लिए डिजिटल मंच विकसित किया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने अपने नवाचार विशेषज्ञों के सामने रखे। मेंटर्स ने परियोजनाओं की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, संभावित चुनौतियों और बड़े स्तर पर लागू किए जाने की संभावनाओं को लेकर प्रतिभागियों से सवाल किए। इस संवाद के जरिए युवाओं को अपने विचारों को केवल प्रस्तुति तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक रूप देने की दिशा में सोचने का अवसर मिला।
पशुओं के घाव के उपचार के लिए हाइड्रोजेल, रिएक्ट को पहला पुरस्कार
प्रतियोगिता में रिएक्ट हाइड्रोजेल स्टार्टअप की संस्थापक इरम जहां के प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। इरम ने बताया कि उन्होंने एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले हाइड्रोजेल पर काम किया है, जिसका उद्देश्य पशुओं में होने वाले घावों के उपचार की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल घाव के उपचार में अलग-अलग दवाओं और एंटीबायोटिक के इस्तेमाल की जरूरत पड़ सकती है। उनका विकसित हाइड्रोजेल इसी प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में तैयार किया गया है। इरम के प्रोजेक्ट में पशु स्वास्थ्य से जुड़ी व्यावहारिक समस्या के लिए उत्पाद आधारित समाधान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मेंटर्स के सामने इसके उपयोग और संभावनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
उद्यमियों और कामकाजी लोगों के बीच सेतु बनेगा ‘साथी’
रनर-अप पुरस्कार फालिया और उनके साथी ताबिश के स्टार्टअप ‘साथी’ को मिला। दोनों ने ऐसा मंच तैयार किया है, जो उद्यमियों और कामकाजी लोगों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेगा।
फालिया ने बताया कि कारोबारियों को अपने संस्थानों के लिए कुशल लोगों की जरूरत होती है, जबकि कामकाजी पेशेवर बेहतर अवसर तलाशते हैं। ‘साथी’ इन दोनों पक्षों के बीच संपर्क और तालमेल बनाने का प्रयास करेगा। उनका कहना है कि सही कौशल वाले व्यक्ति को सही कारोबारी अवसर से जोड़ने से कारोबारियों को प्रतिभा तलाशने और पेशेवरों को अपनी क्षमता के अनुरूप अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है।
मेंटर्स के सवालों से परखी गई नवाचार की उपयोगिता
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं के बारे में मेंटर्स को जानकारी दी। विशेषज्ञों ने विचारों की व्यावहारिकता, संभावित चुनौतियों और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की योजना को लेकर सवाल किए।
उज्ज्वल सिंह, विश्व शर्मा, पंकज जैन और मनीष नाथ ने मेंटर की भूमिका निभाई। प्रतिभागियों को अपने विचारों को विशेषज्ञों की कसौटी पर परखने और उनके व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला। इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि नवाचार को उत्पाद, सेवा या स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए किन पहलुओं पर काम करने की जरूरत होगी।
युवाओं को अवसर मिलने से बदलेगी तस्वीर: खारा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्टोरी टेलर और इनफ्लुएंसर परितोष आनंद रहे। शारदा युनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि देश में बड़ी युवा आबादी है, जो ऊर्जा और नई सोच से भरी हुई है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में युवाओं को दिशा और नए अवसर मिल रहे हैं, जिसका प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की भागीदारी अहम है।
‘शक्ति क्षेत्र’ में योजनाओं और अवसरों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में ‘शक्ति क्षेत्र’ में विभिन्न स्टॉल लगाए गए। यहां युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों से भी परिचित कराया गया।
यूपी राइज का यह मंच युवाओं को प्रतियोगिता के साथ-साथ अपने विचारों की उपयोगिता और व्यावहारिकता परखने का अवसर देता नजर आया। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के समाधान से लेकर रोजगार और कारोबार के बीच बेहतर समन्वय तक, युवाओं ने अपने नवाचारों के जरिए नई सोच को व्यावहारिक समाधान में बदलने की दिशा दिखाई। ऐसे मंचों और सरकारी अवसरों के जरिए इन विचारों को स्टार्टअप और आगे चलकर रोजगार सृजन से जोड़ने की राह तैयार हो रही है।