अलीगढ़: बन्नादेवी क्षेत्र के सूतमिल स्थित बीमा नगर में शुक्रवार को प्रशासन ने सात दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान इलाके की चर्चित प्रेमी पराठा दुकान भी इसकी चपेट में आ गई। दुकानदारों ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के दुकानें तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए विरोध किया और मौके पर हंगामा किया। वहीं पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के आधार पर की गई है।
मौके पर बन्नादेवी थाने की पुलिस, पीएसी और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
दुकानदारों ने लगाया बिना नोटिस तोड़फोड़ का आरोप
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई थी। उनका आरोप है कि अचानक टीम मौके पर पहुंची और दुकान खाली करने के लिए कहा गया।
बीमा नगर में दुकान चलाने वाली जनमसुत ने बताया कि उन्होंने दुकान किसी अन्य व्यक्ति से खरीदी थी और वह इसकी तीसरी खरीदार हैं। वहीं भारत सांवरिया ने कहा कि उन्होंने रिंकू नाम के व्यक्ति से दुकान किराये पर ली थी। उनका कहना है कि दुकान अतिक्रमण में है या नहीं, इसकी जानकारी दुकान मालिक ही दे सकता है।
दुकानदार राजवीर सुमन उर्फ पप्पू ने दावा किया कि उनकी दुकान से जुड़ा मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसके बावजूद कार्रवाई कर दी गई।
प्रेमी पराठा संचालक ने दस्तावेज नहीं देखने का लगाया आरोप
प्रेमी पराठा दुकान के संचालक संदीप ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी दुकान का पूरा बैनामा है और वह पिछले करीब 20 साल से यहां कारोबार कर रहे हैं।
संदीप का आरोप है कि कार्रवाई करने वाली टीम खुद को कोर्ट से केस जीता हुआ बता रही थी, लेकिन कोई आदेश दिखाने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि दस्तावेज दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन टीम ने उन्हें देखने से मना कर दिया।
पुलिस बोली- कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
सीओ द्वितीय धनंजय सिंह ने बताया कि प्रेमी पराठा समेत सात दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
20 साल पुराने बैनामे का दुकानदारों ने किया दावा
दुकानदार राजवीर सुमन उर्फ पप्पू ने कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला था और दुकान से जुड़ा मामला अदालत में चल रहा है। वहीं प्रेमी पराठा संचालक संदीप ने बताया कि उनके पास दुकान के पूरे दस्तावेज हैं और वह लंबे समय से यहां कारोबार कर रहे हैं।
संदीप ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले टीम ने उनके दस्तावेजों को देखने तक से इनकार कर दिया।
दुकानदारों ने कार्रवाई के तरीके पर उठाए सवाल
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अचानक दुकान खाली करने को कहा गया। उनका आरोप है कि कार्रवाई करने पहुंची टीम ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वे किस विभाग से आए हैं और न ही उन्हें कोई जानकारी दी गई।
स्थानीय दुकानदारों ने मांग की है कि कार्रवाई से पहले उन्हें उचित सूचना और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी जानी चाहिए थी।