जनगणना 2027: अब घर बैठे खुद भर सकेंगे अपना ब्योरा, 16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना; जानें पूरी प्रक्रिया

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नई दिल्ली: जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना में लोगों को अपना विवरण खुद दर्ज करने की सुविधा भी दी जाएगी। स्व-गणना की ऑनलाइन प्रक्रिया 16 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनगणना का काम पूरा करेंगे।

जो परिवार स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हें एक स्व-गणना पहचान संख्या दी जाएगी। इस संख्या को सुरक्षित रखना जरूरी होगा। घर पर जनगणना के लिए पहुंचने वाले प्रगणक को यह पहचान संख्या बतानी होगी।

जाति और राष्ट्रीयता की जानकारी के लिए दस्तावेज जरूरी नहीं

जनगणना के दौरान जाति और राष्ट्रीयता से संबंधित जानकारी नागरिकों की ओर से दी गई सूचना के आधार पर दर्ज की जाएगी। इसके लिए किसी व्यक्ति से प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे।

जनगणना के दूसरे चरण में प्रत्येक परिवार से निर्धारित 40 सवाल पूछकर जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके आधार पर जनगणना से संबंधित आंकड़े तैयार किए जाएंगे।

1 दिसंबर से 4 जनवरी तक घर-घर पहुंचेगा अमला

जनगणना की घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होगी और 4 जनवरी तक चलेगी। इसके बाद 5 से 9 जनवरी तक पुनरीक्षण का काम किया जाएगा।

जनगणना के लिए 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है। इसी आधार पर जनगणना से जुड़े आंकड़ों का निर्धारण किया जाएगा।

औरैया में तैयार किए जा रहे 50 फील्ड ट्रेनर

जनगणना की तैयारियों को लेकर औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए।

जिले में जनगणना के लिए 50 फील्ड ट्रेनर चिह्नित किए गए हैं। अक्टूबर में मास्टर ट्रेनर इन्हें प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद 20 नवंबर से पहले फील्ड ट्रेनर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण देंगे।

स्कूल-कॉलेज से गांवों तक चलेगा जागरूकता अभियान

जनगणना में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पेंटिंग, रंगोली, भाषण, निबंध, प्रश्नोत्तरी और प्रभात फेरी जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वॉल पेंटिंग, बैनर-पोस्टर, होर्डिंग, कूड़ा संग्रहण वाहनों और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए भी लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिलाधिकारी ने छोटे जागरूकता वीडियो और डिजिटल प्रचार सामग्री तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

भविष्य की योजनाओं और नीतियों के लिए अहम होंगे आंकड़े

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना से जुटाए जाने वाले आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार बनते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जनगणना की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

 

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