दिल्ली के 3575 बस स्टॉप होंगे हाईटेक, 650 करोड़ में बदल जाएगी पूरी तस्वीर, मिलेंगी मेट्रो जैसी सुविधाएं
दिल्ली: राजधानी में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी योजना तैयार की गई है। दिल्ली के 3575 बस स्टॉप और शेल्टर को करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। योजना के तहत यात्रियों को बस की स्थिति से लेकर उसके पहुंचने के अनुमानित समय तक की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए अगले सप्ताह टेंडर जारी होने की उम्मीद है और काम मिलने के छह महीने के भीतर इसे पूरा करना होगा।
बस स्टॉप पर मिलेंगी ये नई सुविधाएं
हाईटेक बस स्टॉप पर डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली लगाई जाएगी। इसे बसों के जीपीएस आंकड़ों से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि उनकी बस इस समय कहां है और बस स्टॉप तक पहुंचने में उसे कितना समय लगेगा।
बस स्टॉप पर मेट्रो की तर्ज पर मार्ग मानचित्र भी लगाए जाएंगे। इनमें बस के शुरुआती और अंतिम स्टेशन के साथ रास्ते में आने वाले प्रमुख स्टॉप की जानकारी दी जाएगी। बस शेल्टर पर बस नंबर, मार्ग और वास्तविक समय में बस के आने की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराने की योजना है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टॉप पर आपातकालीन अलार्म और एलईडी रोशनी जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा मौसम से जुड़ी जानकारी देने के लिए सूचना प्रदर्शित करने वाले डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
कुछ स्थानों पर सौर पैनल लगाने के लिए भी जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। वहीं, बस शेल्टर पर डिजिटल विज्ञापन पैनल लगाए जाने की योजना है।
650 करोड़ की योजना, लंबे समय तक होगा रखरखाव
यह पूरी परियोजना दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के जरिए लागू की जाएगी। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी होगी। बस शेल्टर पर लगाए जाने वाले विज्ञापनों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल शेल्टर के पुनर्विकास और लंबे समय तक रखरखाव की लागत को पूरा करने में किया जाएगा।
मौजूदा बस शेल्टरों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही पूरी दिल्ली में सर्वे कराया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन स्थानों पर नए बस क्यू शेल्टर की जरूरत है।
अगले सप्ताह टेंडर, छह महीने में पूरा करना होगा काम
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि योजना तैयार है और इसके लिए अगले सप्ताह टेंडर जारी किए जाएंगे। उनके मुताबिक, नई व्यवस्था से बस परिवहन को अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
यात्रियों को सफर शुरू करने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने के दौरान बस से जुड़ी जानकारी पर नजर रखने की सुविधा मिलेगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस कंपनी को काम सौंपा जाएगा, उसे अनुबंध मिलने के छह महीने के भीतर बस स्टॉप के पुनर्विकास का काम पूरा करना होगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से भी सुधरेगा बसों का संचालन
बस स्टॉप को हाईटेक बनाने के साथ दिल्ली का परिवहन विभाग बसों के संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल पर भी काम कर रहा है। प्रस्तावित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बस प्रबंधन प्रणाली में पुराने और वास्तविक समय के यातायात आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे बसों के पहुंचने के समय का अधिक सटीक अनुमान लगाने, संभावित देरी का पता लगाने और बसों के संचालन को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।