दीपोत्सव के 10 साल को योगी ने बताया ऐतिहासिक अध्याय, बोले- अयोध्या को फिर मिला उसका सांस्कृतिक गौरव और पहचान

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित होने जा रहे दसवें दीपोत्सव को प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक पड़ाव बताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरयू तट पर शुरू हुई एक संकल्प की लौ ने आज भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है। दीपोत्सव का यह एक दशक केवल लाखों दीपों की जगमगाहट और विश्व कीर्तिमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि अयोध्या के प्राचीन वैभव, सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और राष्ट्रीय गौरव की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।

2017 में जली संकल्प की लौ ने बदली अयोध्या की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि वर्ष 2017 में पुण्यसलिला सरयू के तट पर प्रज्वलित संकल्प की एक लौ ने भारतीय सांस्कृतिक गौरव को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि राम की पैड़ी पर जलाए गए लाखों दीपों ने केवल अंधकार को दूर नहीं किया, बल्कि आस्था, अंत्योदय और स्थानीय स्वावलंबन की नई रोशनी भी जगाई है। दीपोत्सव के दस वर्षों का सफर अयोध्या को उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव के साथ दोबारा प्रतिष्ठित करने के ऐतिहासिक संकल्प की सफलता का प्रमाण है।

रामराज्य के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील

मुख्यमंत्री ने दसवें दीपोत्सव के अवसर पर लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना ऐसी होनी चाहिए, जहां विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की यह ज्योति आने वाली पीढ़ियों तक लगातार प्रकाश फैलाती रहे।

दो दिन अयोध्या में रहेंगे मुख्यमंत्री, रामलला के स्वागत से लेकर सरयू आरती तक कार्यक्रम

दसवें दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार और रविवार को दो दिनों तक अयोध्या में रहेंगे। इस दौरान वह भगवान श्रीराम के स्वागत, प्रतीकात्मक राजतिलक, सरयू आरती और दीप प्रज्ज्वलन समेत विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रामनगरी में परंपरा, आस्था और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा।

हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और प्रतीकात्मक राजतिलक होगा आकर्षण

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री शनिवार दोपहर करीब 2:40 बजे रामकथा पार्क के पास बने हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वह दीपोत्सव की भव्य झांकियों का अवलोकन करेंगे और रथ खींचने के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

इसके बाद हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों के साथ अयोध्या के ऊपर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद तीनों स्वरूपों का प्रतीकात्मक राजतिलक होगा। मुख्यमंत्री रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं, आम लोगों और श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।

राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन, लेजर और ड्रोन शो से जगमगाएगी रामनगरी

रामकथा पार्क के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री राम की पैड़ी पहुंचेंगे। यहां वह मां सरयू की आरती करेंगे और उनकी मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन का आयोजन होगा। इस दौरान राम की पैड़ी पर भगवान श्रीराम की जीवनगाथा को प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही लेजर और ड्रोन शो भी आयोजित होंगे।

मुख्यमंत्री राम की पैड़ी पर बने मंच से लोगों को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह सरयू पुल पहुंचकर हरित पटाखों के प्रदर्शन का अवलोकन करेंगे। हरित आतिशबाजी के बाद मुख्यमंत्री दोबारा रामकथा पार्क पहुंचेंगे, जहां रामलीला का आनंद लेंगे। रात्रि विश्राम के लिए उनके सरयू अतिथि गृह में रुकने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

 

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