दीपोत्सव की असली भावना क्या है? CM योगी ने जनता से की खास अपील, बोले- वंचित परिवारों की भी रोशन करें दिवाली
अंधकार से प्रकाश और निराशा से आशा का प्रतीक है दीपोत्सव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ अयोध्या नगरी अपने दसवें भव्य और दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, दीपोत्सव केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की ओर बढ़ने का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व भारत की सनातन चेतना के पुनर्जागरण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़ा है। दीपक की छोटी-सी लौ भी गहरे अंधकार में उम्मीद की किरण बनकर नई ऊर्जा देती है। प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़े इस पावन अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
सत्ता का अर्थ अधिकार नहीं, दायित्व निभाना है
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में रामायण के भरत प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि 14 वर्षों तक भरत ने राजसुख का त्याग किया और प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर अयोध्या का शासन चलाया। यह प्रसंग सिखाता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार नहीं, बल्कि दायित्व और जिम्मेदारी निभाना है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण की इसी भावना को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है। मां सरयू के तट पर सजी दीपमाला, राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की रोशनी, ड्रोन के जरिए होने वाली आकाशीय प्रस्तुतियां और कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन को भव्य रूप देती हैं।
उत्तर प्रदेश ने बनाई ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में पहचान
सीएम योगी ने कहा कि आस्था और जनभागीदारी को विकास की ताकत बनाकर उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान स्थापित की है। उन्होंने विकास, सुरक्षा और निवेश के आपसी संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा से निवेश के अवसर बढ़ते हैं और निवेश से विकास, रोजगार तथा समृद्धि को गति मिलती है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दीपोत्सव आस्था के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। इस आयोजन से कुम्हारों, फूल विक्रेताओं, होटल कारोबारियों और स्थानीय व्यापारियों के लिए रोजगार तथा आमदनी के अवसर बढ़ते हैं।
वंचित परिवारों की दीपावली भी रोशन करने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से विशेष अपील की कि यदि उनके आसपास कोई जरूरतमंद या वंचित परिवार रहता है, तो उसकी मदद के लिए आगे आएं। अपनी क्षमता के अनुसार उस परिवार को दीपक, मिठाई और नए कपड़े भेंट करें, ताकि उनके घर में भी त्योहार की खुशियां पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि यही दीपोत्सव की सच्ची भावना है। युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और नकारात्मकता से दूर रहने का आग्रह करते हुए उन्होंने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की। साथ ही स्थानीय कारीगरों के दीपक और दूसरे उत्पाद खरीदने की सलाह दी, ताकि उनके परिश्रम को प्रोत्साहन मिल सके।
परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या आने का निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचने तथा प्रभु श्रीराम की नगरी में आयोजित भव्य दीपोत्सव की दिव्य छटा देखने का आग्रह किया। उन्होंने कामना की कि हर घर में खुशहाली, हर मन में सद्भाव और प्रदेश में निरंतर प्रगति बनी रहे। अपने संदेश का समापन उन्होंने ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ किया।