‘पैसा नहीं आ रहा, ईरान बुरी हालत में’, ट्रंप का दावा- होर्मुज तुरंत खोलना चाहता है तेहरान; पहले ठुकरा चुके हैं प्रस्ताव

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वॉशिंगटन: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान इस रणनीतिक जलमार्ग को तुरंत फिर से खोलना चाहता है, क्योंकि इसके बंद होने से ईरान को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास पैसा नहीं आ रहा और इसी वजह से वह समझौते के लिए तैयार होना चाहता है। हालांकि, इससे पहले ट्रंप ईरान की ओर से होर्मुज खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर चुके हैं।

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान मुश्किल स्थिति में है और उसके पास पैसा नहीं आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज के जरिए होने वाली गतिविधियों से ईरान को आर्थिक लाभ मिलता है और जलमार्ग बंद होने से उसकी आय प्रभावित हुई है।

ट्रंप बोले- ईरान ने खुद को मुश्किल में डाला

ट्रंप ने कहा कि होर्मुज को बंद करने का फैसला ईरान के लिए ही नुकसानदायक साबित हुआ। उनके मुताबिक, ईरान ने दुनिया के लिए परेशानी पैदा करने के इरादे से जलमार्ग को बंद किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने नाकाबंदी लागू की।

ट्रंप ने दावा किया कि इस व्यवस्था के तहत दूसरे देशों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति है, जबकि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से तेहरान अब जलमार्ग को तुरंत खोलने के लिए समझौता करना चाहता है।

ईरान ने 7 दिन में होर्मुज खोलने का रखा था प्रस्ताव

ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान की ओर से पेश किए गए सात दिन के रोडमैप के बाद आई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया था कि तेहरान ने मध्यस्थ के जरिए अमेरिका के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत जरूरी शर्तें पूरी होने पर सात दिन के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोला जा सकता है।

प्रस्ताव में अमेरिका से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने और क्षेत्र में युद्धविराम का पालन करने जैसी शर्तें रखी गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने जमे हुए धन को जारी करने की मांग भी की थी।

ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति ने 26 सितंबर को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान तत्काल होर्मुज खोलने के लिए समझौता करना चाहता है, क्योंकि वह आर्थिक रूप से मुश्किल स्थिति में है।

इससे पहले ईरान ने कहा था कि होर्मुज को फिर से खोलने का फैसला उसकी शर्तें पूरी होने पर ही होगा। यानी तेहरान की ओर से जलमार्ग खोलने को लेकर रुख सशर्त बना हुआ है।

अब भी शर्तों पर कायम ईरान

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका की प्रतिक्रिया को नोट किया है, लेकिन मध्यस्थ के जरिए अमेरिका की ओर से अभी तक कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर ईरान की शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

अराघची के मुताबिक, ईरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के औपचारिक रुख का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज को खोलने की दिशा में कोई भी कदम तय शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर करेगा।

 

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