बहुत गर्म चाय-कॉफी पीने वालों के लिए बड़ी चेतावनी, खाने की नली के कैंसर का खतरा 3 गुना तक बढ़ने का दावा; जानें कितनी गर्म होनी चाहिए आपकी चाय
नई दिल्ली: अगर आपको खौलती हुई चाय, कॉफी या पानी पीने की आदत है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि बेहद गर्म पेय पदार्थ पीने से खाने की नली के कैंसर का खतरा करीब तीन गुना तक बढ़ सकता है। यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित हुआ है और इसमें करीब 10 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।
स्टडी में बहुत गर्म पेय पीने वाले लोगों की तुलना गुनगुनी चाय या कॉफी पीने वालों से की गई। शोध के मुताबिक, बहुत गर्म पेय का सेवन करने वालों में खाने की नली के कैंसर का खतरा लगभग तीन गुना अधिक पाया गया। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि इस कैंसर के होने की कुल संभावना कम है।
बार-बार गर्म पेय से खाने की नली को हो सकता है नुकसान
बहुत ज्यादा गर्म तरल पदार्थ जब खाने की नली से होकर गुजरता है, तो उसकी अंदरूनी संवेदनशील परत को नुकसान पहुंचा सकता है। बार-बार होने वाली गर्मी और जलन से कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे लंबे समय में कैंसर विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
65 डिग्री या उससे ज्यादा गर्म पेय से सावधानी
रिसर्च के मुताबिक, 65 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान वाला पेय नुकसानदायक हो सकता है। केतली में चाय उबलने के तुरंत बाद इसका तापमान करीब 100 डिग्री सेल्सियस होता है। कप में डालने के बाद भी यह लगभग 90 से 95 डिग्री सेल्सियस तक रह सकती है।
एक अध्ययन में युवाओं से जुड़े निष्कर्षों के मुताबिक, 70 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा तापमान वाले पेय को लोगों ने बहुत गर्म महसूस किया। वहीं, टेकअवे कॉफी के लिए 49 से 60 डिग्री सेल्सियस का तापमान अपेक्षाकृत सुरक्षित और उपयुक्त माना गया है।
चाय में दूध डालने से खत्म नहीं होता खतरा
कई लोग चाय या कॉफी में ठंडा दूध मिलाकर मान लेते हैं कि पेय का तापमान तुरंत सुरक्षित स्तर तक पहुंच गया होगा। लेकिन शोधकर्ताओं के मुताबिक, दूध मिलाने के बाद भी पेय इतना गर्म रह सकता है कि खाने की नली को नुकसान पहुंचा सके।
इसके अलावा, दिन में छह या उससे ज्यादा बार गर्म पेय पीने वाले लोगों में यह जोखिम और अधिक देखा गया।
कितनी देर ठंडा करें चाय-कॉफी?
कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, गर्म पेय को ठंडा होने के लिए कितना समय देना चाहिए, इसका कोई एक निश्चित समय बताना मुश्किल है। हालांकि, सलाह दी गई है कि चाय या कॉफी को बहुत गर्म अवस्था में पीने के बजाय तब तक इंतजार करें, जब तक वह आरामदायक तापमान पर न आ जाए।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर लोग बहुत गर्म पेय पीना बंद कर दें, तो खाने की नली के कैंसर के हर 10 मामलों में से करीब एक या दो मामलों को रोका जा सकता है। स्क्वैमस सेल एसोफेजियल कैंसर अपेक्षाकृत दुर्लभ है और हर साल कुछ हजार लोगों को प्रभावित करता है। ब्रिटेन में किसी व्यक्ति को जीवनभर इस प्रकार के कैंसर की चपेट में आने का जोखिम करीब एक प्रतिशत बताया गया है।
धूम्रपान और ज्यादा शराब से भी रहें दूर
चाय-कॉफी का तापमान ही एकमात्र चिंता नहीं है। कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, खाने की नली के कैंसर के प्रमुख कारणों में धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन शामिल हैं। इसलिए इनसे दूरी बनाना भी बचाव का अहम तरीका है।
अगर लगातार सीने में जलन, अपच, गले या छाती में दर्द और बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होने जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बचाव के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
चाय या कॉफी कप में डालने के तुरंत बाद पीने से बचें और उसे कुछ मिनट ठंडा होने दें। बहुत गर्म पेय को तब तक न पिएं, जब तक वह पीने में आरामदायक न हो जाए। साथ ही धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचना भी जरूरी है।