यूपी में गोवंश संरक्षण को लेकर योगी सरकार का बड़ा दावा, गौतमबुद्ध नगर में 18 गौ-आश्रय स्थलों में 9,764 गोवंश
सरकार का दावा- प्रदेशभर में 7,700 से अधिक आश्रय स्थल संचालित
गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल को लेकर अपनी योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में निराश्रित गोवंश के लिए बड़े स्तर पर आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इन आश्रय स्थलों में गोवंश के लिए भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय, नियमित आहार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।
गौवंश के भरण-पोषण के लिए ₹50 प्रतिदिन
सरकार के मुताबिक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए ₹50 प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था गोवंश संरक्षण के साथ-साथ गोपालकों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रही है।
5,446 गौशालाओं में लगाए गए 4,592 CCTV कैमरे
गौशालाओं में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश की 5,446 गौशालाओं में 7,592 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। सरकार का दावा है कि अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था के जरिए गौशालाओं में गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत किया जा रहा है।
1.67 लाख से अधिक गोवंश गोपालकों को सौंपे गए
सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत अब तक 1,67,065 गोवंश इच्छुक और जिम्मेदार गोपालकों को सौंपे गए हैं। इसके तहत गोवंश के भरण-पोषण के लिए निर्धारित राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जा रही है।
गौतमबुद्ध नगर में 18 गो-आश्रय स्थल
गौतमबुद्ध नगर जिले में भी गोवंश संरक्षण के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जा रही है। विज्ञप्ति के अनुसार जिले में वर्तमान में 18 गो-आश्रय स्थल क्रियाशील हैं, जहां 9,764 गोवंश के संरक्षण और पालन का दावा किया गया है।
गो-तस्करी पर सख्त कार्रवाई का दावा
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि गोवंश की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जा रही है। गो-तस्करी जैसे गंभीर मामलों में नियमों के उल्लंघन पर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
सरकार ने यह भी कहा कि भ्रामक या गलत सूचनाओं के जरिए शासन की गो-सेवा संबंधी योजनाओं को लेकर भ्रम फैलाने के प्रयासों पर नजर रखी जा रही है।
सरकार ने दोहराई गोवंश संरक्षण की प्रतिबद्धता
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित गोवंश की सेवा और संरक्षण में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने गोवंश के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के साथ व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर करने की बात कही है।