सत्य निकेतन हादसे में मौत को मात देकर लौटा जम्मू का नितिश, 55 घंटे बाद एम्स से मिली छुट्टी; मलबे में दबकर हुआ था घायल

0 29

जम्मू: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के हादसे के करीब 55 घंटे बाद जम्मू के रायपुर सतवारी निवासी नितिश चिब को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। मंगलवार शाम दिल्ली के एम्स ट्रामा अस्पताल से नितिश के डिस्चार्ज होने की खबर मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों को अब उम्मीद है कि वह गुरुवार सुबह जम्मू पहुंच जाएगा।

नितिश रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय पीजी इमारत के मलबे में फंस गया था, जब पांच मंजिला भवन अचानक ढह गया। उसके सीनियर्स और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे मलबे से बाहर निकाला था।

हादसे की खबर मिलते ही जम्मू में परिवार के बीच अफरा-तफरी मच गई थी। मां सीमा देवी बेटे की सलामती को लेकर बेहद परेशान थीं, जबकि 85 वर्षीय दादी निर्जला देवी भी सदमे में थीं। पिता पवन सिंह ने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन बेटे के साथ हुए हादसे का दर्द उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था।

रविवार रात ही मां समेत दिल्ली पहुंचा परिवार

नितिश की मां सीमा देवी, बहन पल्लवी चिब और चेचरे भाई रोहित चिब, अनिल चिब, कुलबिंद्र चिब और नीरज चिब रविवार रात ही दिल्ली पहुंच गए थे। इसके बाद परिवार के सदस्य अस्पताल में नितिश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे और उसकी पल-पल की जानकारी जम्मू में मौजूद परिजनों को देते रहे।

परिवार के अन्य सदस्य भी इस मुश्किल समय में साथ खड़े रहे। सभी को बस नितिश के अस्पताल से सुरक्षित छुट्टी मिलने का इंतजार था।

डिस्चार्ज की खबर से परिवार में लौटी रौनक

हादसे के बाद से चिब परिवार में मातम और चिंता का माहौल था। आसपास के लोग और रिश्तेदार परिवार का दुख बांटने के लिए लगातार घर पहुंच रहे थे।

मंगलवार शाम नितिश को अस्पताल से छुट्टी मिलने की खबर आई तो परिवार के चेहरे पर राहत नजर आई। पता चला कि वह बुधवार को दिल्ली से जम्मू के लिए रवाना होगा। इसके साथ ही कई घंटों से बनी चिंता के बीच परिवार में खुशी का माहौल लौटने लगा।

19 साल का नितिश कर रहा है बीकॉम की पढ़ाई

19 वर्षीय नितिश चिब दिल्ली विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले मोती लाल नेहरू कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है। उसने पिछले वर्ष ही होस्टल हेज इलाके में पीजी लिया था। हादसे से पहले पीजी में रंग-रोगन कर उसे नया रूप दिया गया था।

लेकिन अचानक इमारत के ढहने से नितिश समेत वहां मौजूद लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। नितिश इस खौफनाक हादसे को अब भी भूल नहीं पा रहा है और घटना के बाद से घबराया हुआ है।

सिर और कंधे में आईं अंदरूनी चोटें

मलबे से सुरक्षित निकाले जाने के बाद नितिश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके सिर, कंधे और शरीर के कुछ अन्य हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उसे फिलहाल आराम करने की सलाह दी है।

करीब 55 घंटे बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अब परिवार की सबसे बड़ी चिंता दूर हुई है। नितिश के सुरक्षित बचने से परिजनों ने राहत की सांस ली है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.