ट्रंप की ईरान को फिर हमले की धमकी, बोले- ‘एक और एपिक फ्यूरी कर सकते हैं’; तेहरान ने समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल काटने की चेतावनी दी
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका एक और ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल ने दोबारा हमला किया, तो ईरान खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बना सकता है।
ट्रंप ने फिर सैन्य कार्रवाई के दिए संकेत
शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ एक और ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकता है। यह उस सैन्य अभियान का नाम है, जिसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के संदर्भ में किया गया था।
ट्रंप का कहना है कि यदि तेहरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो वाशिंगटन नए सैन्य अभियान पर विचार कर सकता है। इससे पहले एक अमेरिकी दूत ने भी संकेत दिया था कि इसी सप्ताहांत ईरान पर फिर बड़े हमले हो सकते हैं।
ईरान की चेतावनी- समुद्र के नीचे बिछी केबल को बना सकते हैं निशाना
ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरानी अधिकारियों ने समुद्र के नीचे मौजूद इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। खबर के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदोल्लाह जावानी ने कहा कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो तेहरान होर्मुज क्षेत्र के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल को काट सकता है।
जावानी के मुताबिक, ईरान की इन केबल तक पहुंच है और हमले की स्थिति में उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। हालांकि, यह बयान ईरानी पक्ष की चेतावनी है; केबल काटने की किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
इंटरनेट केबल कटने से दुनिया पर क्या पड़ सकता है असर?
समुद्र के नीचे बिछी केबल वैश्विक इंटरनेट व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। इनके जरिए दुनिया के लगभग 99 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट डेटा का आदान-प्रदान होता है। यदि कई प्रमुख केबल क्षतिग्रस्त होती हैं, तो इंटरनेट की गति और डेटा सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में वित्तीय लेनदेन, ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड सेवाओं में रुकावट या देरी आ सकती है। युद्ध जैसे हालात में केबल की मरम्मत भी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम, बीमा लागत और मरम्मत जहाजों को अनुमति मिलने में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
युद्ध खत्म करने को लेकर ट्रंप ने भी उठाए सवाल
ईरान पर दोबारा हमले की संभावना जताने से पहले ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका युद्ध को जल्द खत्म करने की क्षमता रखता है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या युद्ध को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका को वह सब मिल रहा है, जिसकी उसे जरूरत है, और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति जारी है। उनके अलग-अलग बयानों के बीच अमेरिका और ईरान के अगले कदमों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।