नई दिल्ली: अमेरिका के फ्लोरिडा में रविवार को एक बिजनेस जेट विमान भीषण हादसे का शिकार हो गया। विमान आसमान से तेजी से नीचे आया और जमीन से टकराते ही आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी नौ लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विमान को तेजी से नीचे गिरते और टक्कर के बाद आग की लपटों में घिरते देखा जा सकता है।
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने हादसे की भयावहता बताते हुए कहा कि विमान आसमान से मिसाइल की तरह नीचे गिरता दिखाई दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क के किनारे बड़ा गड्ढा बन गया और विमान का मलबा दूर-दूर तक फैल गया।
सड़क पर गिरते ही आग के गोले में बदला विमान
हादसे का वीडियो सड़क से गुजर रही कारों में बैठे लोगों ने रिकॉर्ड किया। फुटेज में विमान तेजी से नीचे आता दिखाई देता है। जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। दुर्घटनास्थल पर मलबा बिखर गया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
विमान रिहायशी मकानों से टकराने से बच गया, लेकिन एक व्यस्त सड़क के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद वहां आग फैल गई और सड़क के किनारे गहरा गड्ढा बन गया।
टेक्सास से बहामास जा रहा था लियरजेट 60
अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने हादसे की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, लियरजेट 60 विमान टेक्सास के ऑस्टिन से बहामास जा रहा था। विमान में कुल नौ लोग सवार थे।
दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) अपनी टीम भेज रहा है। यह टीम नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की जांच में सहयोग करेगी।
खराब मौसम, बर्फ जमने और टर्बुलेंस की सूचना
एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रिकॉर्डिंग और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर पूर्व दिशा की ओर उड़ रहा था। इसी दौरान पायलट ने खराब मौसम, विमान पर बर्फ जमने और तेज टर्बुलेंस की जानकारी दी थी।
पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान को दो हजार फीट और ऊपर ले जाने की अनुमति मांगी थी। उसने बताया था कि विमान पर हल्की पारदर्शी बर्फ जम रही है और हल्का टर्बुलेंस महसूस हो रहा है। इसके कुछ ही समय बाद विमान की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।
हर मिनट 30 हजार फीट तक नीचे गिरने लगा विमान
रिकॉर्डिंग के मुताबिक, विमान अचानक तेजी से ऊंचाई खोने लगा। शुरुआत में इसकी गिरने की रफ्तार करीब 10 हजार फीट प्रति मिनट थी। इसके बाद यह बढ़कर 20 हजार और फिर 30 हजार फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई। इस दौरान विमान की गति उसकी निर्धारित डिजाइन सीमा से भी अधिक हो गई।
पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपात संदेश भेजकर बताया कि विमान बेहद तेजी से नीचे जा रहा है। इसके बाद उसने ‘मेडे, मेडे’ कहकर मदद मांगी।
पायलट का आखिरी संदेश, फिर जमीन से टकराया जेट
रेडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार, पायलट ने अपने आखिरी संदेश में विमान के जमीन से टकराने की आशंका जताई थी। इसके कुछ ही पलों बाद जेट तेजी से दाईं ओर मुड़ा और जमीन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान सवार सभी नौ लोगों की जान चली गई।