शारदीय नवरात्रि में हाथी पर आएंगी मां दुर्गा, घोड़े पर होगी विदाई! जानिए देश-दुनिया के लिए क्या संकेत देता है देवी का वाहन

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नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि 2026 का पावन पर्व 11 अक्टूबर से शुरू होगा और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ इसका समापन होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष ज्योतिषीय और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, जबकि विजयादशमी के दिन घोड़े पर विदा होंगी।

हाथी पर आगमन को माना जाता है शुभ संकेत

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा का मुख्य वाहन सिंह है, लेकिन पृथ्वी लोक पर उनके आगमन का वाहन नवरात्रि शुरू होने वाले वार के आधार पर तय किया जाता है। देवीभागवत पुराण में भी देवी के वाहनों का उल्लेख मिलता है।

मान्यता है कि रविवार या सोमवार से नवरात्रि शुरू होने पर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। हाथी को शक्ति, स्थिरता और राजसुख का प्रतीक माना जाता है। देवी का हाथी पर आगमन सुख, समृद्धि और संपन्नता का संकेत माना जाता है।

अच्छी बारिश और अनाज की प्रचुरता की मान्यता

ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, हाथी पर मां दुर्गा के आगमन को अच्छी वर्षा और अनाज की प्रचुरता से जोड़कर देखा जाता है। इससे कृषि, धन-धान्य, व्यापार और लोगों के पारिवारिक जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की मान्यता है।

व्यक्तिगत स्तर पर भी देवी के हाथी पर आगमन को मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और नए अवसरों का संकेत माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से इसे समाज और व्यक्ति दोनों के लिए मंगलकारी माना गया है।

किस वार को कौन सा होता है मां का वाहन?

मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत जिस दिन होती है, उसी के आधार पर मां दुर्गा के आगमन का वाहन निर्धारित होता है। रविवार और सोमवार को नवरात्रि शुरू होने पर देवी हाथी पर आती हैं। मंगलवार और शनिवार को आगमन होने पर उनका वाहन घोड़ा माना जाता है।

वहीं गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होने पर मां दुर्गा के पालकी या डोली पर आने की मान्यता है।

इस बार घोड़े पर होगी मां दुर्गा की विदाई

मां दुर्गा की विदाई का वाहन विजयादशमी के दिन के आधार पर तय होता है। इस वर्ष विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर विदा होंगी।

घोड़े पर विदाई को लेकर क्या है मान्यता?

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में मां दुर्गा का घोड़े पर प्रस्थान बदलाव और उथल-पुथल का संकेत माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि देवी की घोड़े पर विदाई के दौरान देश-दुनिया में तनाव और अशांति की स्थिति बन सकती है।

कुछ धार्मिक मान्यताओं में इसे युद्ध जैसी परिस्थितियों या प्राकृतिक आपदाओं की आशंका से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, जिन्हें आस्था और परंपरा के संदर्भ में देखा जाता है।

 

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