सीएम योगी आज वाराणसी में बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे हवाई सर्वे, राहत शिविर में बांटेंगे किट; काशी विश्वनाथ के भी करेंगे दर्शन

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वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान वह गंगा और वरुणा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण कर हालात का जायजा लेंगे। इसके बाद पुलिस लाइन में जनप्रतिनिधियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लेंगे और उन्हें आपदा राहत किट वितरित करेंगे। दौरे के दौरान वह काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और रात में लखनऊ लौट जाएंगे।

आजमगढ़ से हेलीकॉप्टर से वाराणसी पहुंचेंगे सीएम योगी

मुख्यमंत्री शाम करीब पांच बजे आजमगढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिए पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचेंगे। इससे पहले वह हेलीकॉप्टर से गंगा और वरुणा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करेंगे। पुलिस लाइन में बने सेफ हाउस में करीब 20 मिनट तक जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान बाढ़ के मौजूदा हालात और राहत कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

राहत शिविर में 160 से अधिक पीड़ितों से लेंगे फीडबैक

बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर पहुंचेंगे। यहां वह 160 से अधिक बाढ़ पीड़ितों से शिविर में मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लेंगे और उन्हें राहत किट वितरित करेंगे। इस शिविर में फिलहाल 40 परिवार रह रहे हैं। इनमें 65 पुरुष, 60 महिलाएं, 34 बच्चे और छह बुजुर्ग शामिल हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे। उनका शाम 7:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ रवाना होने का कार्यक्रम है।

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रशासन ने तेज की तैयारियां

मुख्यमंत्री के अचानक तय हुए दौरे को लेकर शुक्रवार शाम से ही प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गईं। पुलिस लाइन से सलारपुर, कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर सड़क मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था का काम शुरू कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग भी की गई। वहीं बाढ़ राहत शिविर के अंदर और बाहर साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन का काम भी कराया गया।

गंगा-गोमती का जलस्तर घटा, लोगों ने ली राहत की सांस

शुक्रवार भोर से गंगा का रौद्र रूप शांत पड़ने लगा। इसके साथ ही सहायक नदियों वरुणा, गोमती और नाद के वेग में भी कमी आई। सुबह आठ बजे जलस्तर घटने की रफ्तार 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे थी, जो रात आठ बजे बढ़कर एक सेंटीमीटर प्रति घंटा हो गई। रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 70.56 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार को 12 घंटे के दौरान जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी आई।

केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक प्रयागराज से मिर्जापुर होते हुए वाराणसी तक गंगा के जलस्तर में फिलहाल गिरावट का रुख जारी रहने की संभावना है। गंगा और सहायक नदियों के तेवर बदलने से बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों और बाढ़ का दायरा बढ़ने की आशंका झेल रहे लोगों ने राहत की सांस ली है।

एक हफ्ते में 836 परिवारों के 3876 लोग हुए विस्थापित

हालांकि बाढ़ प्रभावित इलाकों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। जलस्तर शांत होने से पहले गंगा और गोमती आठ नए गांवों को अपनी चपेट में ले चुकी थीं। पिछले करीब एक सप्ताह में 16 मोहल्लों और 24 गांवों से 836 परिवारों के 3876 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं।

शुक्रवार को 567 परिवारों के 2486 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ने के साथ राहत शिविरों की संख्या भी 19 से बढ़कर 20 हो गई। राहत और बचाव अभियान के लिए प्रशासन ने शुक्रवार को छह अतिरिक्त नाव और मोटरबोट की व्यवस्था की। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अब कुल 42 नावें लगाई गई हैं। हालात को देखते हुए एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम को भी प्रभावित इलाकों में सक्रिय किया गया है।

 

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