लिव-इन पार्टनर भी लगा सकती है दहेज उत्पीड़न का केस? सुप्रीम कोर्ट ने उठाया बड़ा कानूनी सवाल, सरकार से मांगा जवाब

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नई दिल्ली: एक अहम कानूनी मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है कि क्या किसी पुरुष के खिलाफ उसकी लिव-इन पार्टनर भी दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा सकती है या यह अधिकार केवल वैध पत्नी तक सीमित है। अदालत ने इस संवेदनशील और व्यापक असर वाले सवाल पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
यह मामला कर्नाटक के डॉक्टर लोकेश बीएच की याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनकी कथित लिव-इन पार्टनर की शिकायत पर उनके खिलाफ शुरू किए गए अभियोजन को रद्द करने से इनकार किया गया था। डॉक्टर का तर्क है कि जिस महिला ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया, उससे उनकी शादी नहीं हुई है, इसलिए धारा 498ए लागू नहीं हो सकती।

पीठ ने बताया—विचारणीय कानूनी प्रश्न
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस याचिका में यह विचारणीय प्रश्न है कि विवाह समान लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पुरुष पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए या उसके समकक्ष प्रावधान के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं।

सरकार से मांगा जवाब, एमिकस क्यूरी नियुक्त
अदालत ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब मांगा और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से अदालत की सहायता करने को कहा। साथ ही अधिवक्ता नीना नरिमन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया, ताकि कानूनी पहलुओं पर स्वतंत्र सहायता मिल सके।

याचिकाकर्ता के वकील का तर्क
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय नुली ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने धारा 498ए की कठोरता को लिव-इन रिलेशनशिप पर लागू करके त्रुटि की है, क्योंकि कानून में स्पष्ट रूप से पति और पत्नी के संबंध का उल्लेख है।

क्या है पूरा मामला
डॉक्टर लोकेश का विवाह फरवरी 2000 में नवीना नामक महिला से हुआ था। बाद में एक अन्य महिला ने दावा किया कि उसका विवाह 2010 में लोकेश से हुआ था। 2015 में उस महिला ने लोकेश और उनके परिजनों के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराईं, जिन्हें बाद में बंद कर दिया गया। 2016 में उसने फिर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि लोकेश ने दहेज की मांग करते हुए उसे जलाने की कोशिश की। हालांकि, डॉक्टर के नियोक्ता ने प्रमाणित किया कि कथित घटना वाले दिन वह अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद थे। बाद में महिला ने घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया। इस बीच लोकेश ने बेंगलुरु की फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर यह घोषित करने की मांग की है कि उनके और महिला के बीच कोई वैवाहिक संबंध नहीं था, जिस पर अभी फैसला आना बाकी है।

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