जयपुर। राजस्थान में मार्च का महीना इस बार मई-जून जैसी गर्मी का अहसास करा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे आमजन लू और तेज धूप से प्रभावित हो रहे हैं। मौसम विभाग ने हीटवेव को देखते हुए विशेष गाइडलाइन जारी की है और लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। वहीं, अगले कुछ दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना जताई गई है।
मार्च में ही तेज गर्मी का असर
आमतौर पर राजस्थान में अप्रैल के बाद गर्मी अपने तेवर दिखाती है, लेकिन इस साल मार्च की शुरुआत से ही तापमान तेजी से बढ़ा है। पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के जिलों—बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और आसपास—में गर्म हवाओं के चलते लू जैसी स्थिति बन गई है। कई जगहों पर तापमान सामान्य से 4 से 9 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। राजधानी जयपुर सहित कई शहरों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों को परेशानी हो रही है, जबकि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है।
हीटवेव को लेकर जारी गाइडलाइन
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
- दोपहर 12 से 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
- नियमित रूप से पानी पीते रहें, शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर रखें।
- तेज धूप में लंबे समय तक काम करने से बचें।
- लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय मदद लें।
विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक तापमान बढ़ने से शरीर को मौसम के अनुकूल होने का समय नहीं मिलता, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
मौसम में बदलाव की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि मार्च के अंत तक तापमान फिर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
किसानों और आमजन पर असर
अचानक बढ़ी गर्मी रबी फसलों जैसे गेहूं और सरसों के अंतिम चरण पर असर डाल सकती है। साथ ही शहरी क्षेत्रों में बिजली की खपत बढ़ने लगी है, जिससे बिजली कंपनियां सतर्क हैं।
आगे का पूर्वानुमान
आने वाले दिनों में राजस्थान में मौसम मिश्रित रहेगा। शुरुआती दिनों में लू और तेज गर्मी का असर रहेगा, लेकिन बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ से आंधी और हल्की बारिश होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल और मई में गर्मी और तीव्र हो सकती है, इसलिए अभी से गर्मी से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है।