ईरान-इजरायल जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेज, 28 भारतीय जहाज फंसे, केंद्र सरकार ने किया विशेष एक्शन
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते फारस की खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर कुल 778 भारतीय नाविक सवार हैं। केंद्र सरकार इन सभी जहाजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी और समन्वय व्यवस्था में लगी हुई है।
जहाजों और नाविकों की स्थिति
पोत, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल फारस की खाड़ी में 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं, चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्व में फंसे हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
सरकारी निगरानी और कंट्रोल रूम
सरकारी अधिकारी जहाज कंपनियों और नाविकों के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं। जहाजरानी महानिदेशालय ने 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम खोल रखा है, जो घटनाक्रम पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराता है। 28 फरवरी को ही भारतीय ध्वज वाले जहाजों और नाविकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसमें अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए थे।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और समन्वय
जहाजों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और क्रू से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से साझा करने को कहा गया है। जहाज प्रबंधकों और भर्ती एजेंसियों को भारतीय दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर नाविकों को तुरंत सहायता दी जा सके।
बंदरगाह संचालन सामान्य
मंत्रालय ने बताया कि भारत के प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है। सभी बंदरगाहों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्यातकों और आयातकों को संभावित कठिनाइयों से बचाने और व्यापार की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। बंदरगाह प्राधिकरण क्षेत्रीय स्थिति का वास्तविक समय में आकलन कर रहे हैं और जहाजों व कार्गो की स्थिति की नियमित रिपोर्ट साझा कर रहे हैं।