नई दिल्ली: नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन भले ही समाप्त हो चुका हो, लेकिन इसकी गूंज सोमवार को संसद के मानसून सत्र में सुनाई देने की पूरी संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। दूसरी ओर सरकार भी सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए नया संशोधन विधेयक पेश कर जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को बनाएगा मुख्य मुद्दा
विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। विपक्षी दलों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष संसद के दोनों सदनों में सरकार को घेरने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री से माफी की मांग की तैयारी
जानकारी के अनुसार, विपक्षी गठबंधन के दलों के साथ कांग्रेस इस पूरे मामले को संसद में प्रमुखता से उठाएगी। विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस घटनाक्रम पर माफी मांगने की मांग भी की जा सकती है। विपक्ष का मानना है कि छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री से पूछे दो सवाल
संसद की कार्यवाही से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दो अहम सवाल उठाए। पहले सवाल में उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी। दूसरे सवाल में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद उन लोगों की भूमिका पर जवाब मांगा, जो कथित तौर पर छात्रों पर लाठीचार्ज करते दिखाई दिए। उनका कहना है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था गृह मंत्रालय के अधीन होने के कारण इस मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सरकार पेश करेगी नया संशोधन विधेयक
विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार आज लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए मौजूदा कानून को और अधिक प्रभावी बनाना है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त प्रावधान पर जोर
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह संशोधन वर्ष 2024 के मौजूदा कानून में बदलाव के रूप में लाया जा रहा है।
सत्ता पक्ष भी करेगा पलटवार
संसद में विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी रणनीति तैयार की है। चर्चा के दौरान सरकार की ओर से कांग्रेस के शासनकाल में सामने आए पेपर लीक मामलों और अन्य राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिए जाने की संभावना है।