UP सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन नियम में बदलाव, अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी पूरी प्रक्रिया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकों को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सरकारी मानव संपदा पोर्टल पर एक विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से प्रमोशन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया संचालित होगी।
31 मार्च तक पूरी करनी होंगी सभी तैयारियां
राज्य के मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने सभी विभागों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएं। सरकार का मानना है कि इससे प्रमोशन की प्रक्रिया तेज होगी और अनियमितताओं की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।
मानव संपदा पोर्टल पर तैयार हुआ डीपीसी मॉड्यूल
कार्मिक विभाग के निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने मानव संपदा पोर्टल पर विभागीय पदोन्नति समिति के लिए विशेष मॉड्यूल विकसित किया है। इस मॉड्यूल के जरिए पदोन्नति के लिए पात्र कर्मचारियों की जानकारी सीधे पोर्टल से प्राप्त की जा सकेगी। हालांकि इसके लिए सभी कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर पूरी तरह अपडेट होना आवश्यक होगा।
कर्मचारियों का पूरा डाटा अपडेट करना होगा जरूरी
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का पंजीकरण, कैडर और पद स्तर की जानकारी, सेवा में नियुक्ति की तिथि, पूर्व पदोन्नति का रिकॉर्ड और विभागीय कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही ऑफलाइन वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट को जरूरत पड़ने पर पोर्टल पर अपलोड करना होगा, जबकि ऑनलाइन एसीआर स्वतः सिस्टम में शामिल हो जाएगी।
हर विभाग में बनेगा डीपीसी कोऑर्डिनेटर
सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विभाग में डीपीसी प्रक्रिया के संचालन के लिए एक अधिकारी को डीपीसी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी पोर्टल पर लॉगिन कर वरिष्ठता या योग्यता के आधार पर पात्रता सूची तैयार करेंगे और फार्म-1, ब्रॉडशीट तथा स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
पोर्टल पर ही दर्ज होंगी अंतिम संस्तुतियां
स्क्रूटनी पूरी होने के बाद प्रस्ताव को अगले स्तर के अधिकारी के पास भेजा जाएगा, जहां से उसे स्वीकृत, अस्वीकृत या आगे अग्रेषित किया जा सकेगा। अंतिम चरण में विभागीय पदोन्नति समिति पोर्टल पर ही कर्मचारियों को फिट, अनफिट या डिफर श्रेणी में रखते हुए सूची को लॉक करेगी। इसके बाद सिस्टम स्वतः बैठक का कार्यवृत्त तैयार कर देगा। सरकार का कहना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से पदोन्नति प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित होगी।