क्या आप भी डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और ब्लड शुगर कंट्रोल करने के घरेलू उपाय

0 25

नई दिल्ली: आजकल बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण डायबिटीज तेजी से फैलने वाली बीमारियों में शामिल हो चुकी है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर यानी ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। हम जो भोजन करते हैं, शरीर उसे ग्लूकोज में बदल देता है ताकि कोशिकाओं को ऊर्जा मिल सके। इस ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने का काम इंसुलिन नाम का हार्मोन करता है। जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही उपयोग नहीं कर पाता, तब डायबिटीज की समस्या पैदा हो जाती है।

अक्सर इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं, इसलिए कई लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि वे इस बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं।

डायबिटीज के प्रमुख प्रकार

डायबिटीज मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है। पहला टाइप 1 डायबिटीज, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। यह समस्या अधिकतर बच्चों या युवाओं में देखने को मिलती है और इसमें मरीज को बाहर से इंसुलिन लेना पड़ता है।

दूसरा टाइप 2 डायबिटीज, जो सबसे आम प्रकार है। इसमें शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता या पर्याप्त मात्रा में नहीं बना पाता। यह आमतौर पर खराब जीवनशैली, मोटापा और असंतुलित खान-पान की वजह से होता है।

तीसरा जेस्टेशनल डायबिटीज होता है, जो गर्भावस्था के दौरान होता है। अधिकतर मामलों में बच्चे के जन्म के बाद यह ठीक हो जाता है, लेकिन भविष्य में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

डायबिटीज के शुरुआती लक्षण

अगर शरीर में बार-बार कुछ खास संकेत दिखाई दे रहे हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बार-बार पेशाब आना, खासकर रात के समय, अत्यधिक प्यास और भूख लगना, बिना कारण वजन कम होना, धुंधला दिखाई देना, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना और किसी चोट या घाव का देर से भरना डायबिटीज के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते जांच कराना जरूरी है।

ब्लड शुगर कंट्रोल करने के घरेलू उपाय

डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है, लेकिन सही खान-पान और जीवनशैली में सुधार करके इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

मेथी दाना
मेथी में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कार्बोहाइड्रेट और शुगर के अवशोषण को धीमा करने में मदद करता है। एक चम्मच मेथी दाना रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट उस पानी को पीने के साथ दानों को चबा लें।

दालचीनी
दालचीनी शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद कर सकती है। रोजाना आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को गुनगुने पानी या चाय में मिलाकर लेने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

सदाबहार के पत्ते और फूल
आयुर्वेद में सदाबहार के पौधे को डायबिटीज के लिए लाभकारी माना गया है। खाली पेट इसके 2 से 3 ताजे पत्ते चबाए जा सकते हैं या इसके फूलों का रस लिया जा सकता है।

जामुन की गुठली का पाउडर
जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीसकर पाउडर बना लिया जाए तो यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार माना जाता है। सुबह और शाम एक चम्मच पाउडर पानी के साथ लिया जा सकता है।

करेले का जूस
करेला ब्लड शुगर को कम करने में मदद कर सकता है। सप्ताह में दो से तीन बार सुबह खाली पेट आधा कप करेले का जूस पीने से शुगर लेवल नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।

डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार का घरेलू उपाय अपनाने, डाइट में बदलाव करने या इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.