केरल में कांग्रेस का नया चेहरा कौन? मुख्यमंत्री पद को लेकर तेज हुई हलचल, इन 3 नेताओं के नाम सबसे आगे

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नई दिल्ली: केरल कांग्रेस में नए नेतृत्व और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट दोपहर करीब 12 बजे सौंपी गई, जिसमें राज्य के विधायकों की राय और समर्थन का पूरा आकलन शामिल है।

बताया जा रहा है कि पर्यवेक्षकों ने पहले सभी विधायकों के साथ सामूहिक बैठक की और इसके बाद एक-एक विधायक से अलग से बातचीत कर उनकी राय जानी। इसी फीडबैक के आधार पर पार्टी नेतृत्व के लिए यह रिपोर्ट तैयार की गई है। अब कांग्रेस आलाकमान के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि केरल में नेतृत्व की कमान किसे सौंपी जाए।

केसी वेणुगोपाल सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर उभरे

सूत्रों के अनुसार, K. C. Venugopal मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब 40 से 43 विधायकों का समर्थन उनके पक्ष में बताया जा रहा है, जिससे वे विधायकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं।

हालांकि, उनके नाम पर अंतिम फैसला अभी आसान नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व यह तय करने में सावधानी बरत सकता है कि उन्हें केरल की जिम्मेदारी दी जाए या संगठन में उनकी मौजूदा भूमिका बरकरार रखी जाए।

रमेश चेन्निथला भी मजबूत विकल्प के रूप में चर्चा में

अगर किसी वजह से केसी वेणुगोपाल के नाम पर सहमति नहीं बनती है, तो Ramesh Chennithala का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए गंभीर दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें 20 से अधिक विधायकों का समर्थन हासिल है।

कांग्रेस के भीतर एक वर्ग का मानना है कि चेन्निथला के पास लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ संगठन और प्रशासन दोनों का अनुभव है, जो उन्हें इस दौड़ में मजबूत बनाता है।

वीडी सतीशन को सहयोगी दलों का समर्थन

वहीं V. D. Satheesan को कांग्रेस के साथ-साथ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी UDF के सहयोगी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। बताया जा रहा है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (जोसेफ गुट) और आरएसपी जैसे सहयोगी दल उनके पक्ष में हैं।

सहयोगी दलों का मानना है कि विपक्ष के नेता के तौर पर सतीशन ने जमीनी स्तर पर प्रभावी काम किया है और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। इसके साथ ही सहयोगी दल यह भी चाहते हैं कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मौजूदा विधायक को ही प्राथमिकता दी जाए।

आलाकमान के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल केरल कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान को लेना है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि कांग्रेस केरल में किस चेहरे पर दांव लगाने जा रही है।

 

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