ITR Filing 2026 की शुरुआत, इनकम टैक्स विभाग ने जारी की ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी

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नई दिल्ली: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयकर विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। इसके साथ ही पात्र टैक्सपेयर्स अब वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरना शुरू कर सकते हैं।

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है।

क्या होती है एक्सेल यूटिलिटी?

एक्सेल यूटिलिटी एक विशेष तरह की एक्सेल शीट होती है, जिसे आयकर रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने के लिए तैयार किया जाता है। इसकी मदद से टैक्सपेयर बिना इंटरनेट के भी अपनी आय और अन्य जरूरी जानकारी भर सकते हैं। डेटा भरने के बाद उसे वैलिडेट करके ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड किया जा सकता है।

ITR-1 में हुआ बड़ा बदलाव

इस बार ITR-1 यानी सहज फॉर्म में बड़ा बदलाव किया गया है। अब टैक्सपेयर दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय को भी इस फॉर्म में दिखा सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल एक आवासीय संपत्ति तक सीमित थी।

जिन रेसिडेंशियल टैक्सपेयर्स की कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है, वे ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें सैलरी, पेंशन, दो आवासीय संपत्तियों से आय, ब्याज से कमाई और सीमित कृषि आय को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की जानकारी भी इसमें दी जा सकती है।

किन लोगों के लिए है ITR-4 फॉर्म?

ITR-4 यानी सुगम फॉर्म उन निवासी टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनमें व्यक्ति, HUF और LLP के अलावा अन्य फर्म शामिल हैं। जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और जो धारा 44AD, 44ADA तथा 44AE के तहत अनुमानित कराधान योजना का लाभ लेते हैं, वे इस फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।

इस फॉर्म में भी धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के विशेष लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की जानकारी देने की अनुमति दी गई है।

CBDT ने लागू किए नए रिपोर्टिंग नियम

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT ने AY 2026-27 के लिए ITR फॉर्म में कई नए रिपोर्टिंग नियम लागू किए हैं। इनमें लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन, शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान और कुछ विशेष ट्रेडिंग गतिविधियों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।

31 जुलाई तक दाखिल करना होगा रिटर्न

इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR टैक्सपेयर की आय, कटौतियों और टैक्स संबंधी जानकारी का आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसे हर साल आयकर विभाग में जमा करना होता है। आमतौर पर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होती है। फिलहाल कुल सात तरह के ITR फॉर्म मौजूद हैं और कौन सा फॉर्म लागू होगा, यह टैक्सपेयर की आय और श्रेणी पर निर्भर करता है।

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