नई दिल्ली: आज के समय में महिलाओं में कैल्शियम की कमी एक आम लेकिन गंभीर होती जा रही समस्या बन गई है। शरीर के लिए बेहद जरूरी यह मिनरल हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों की मजबूती में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी लंबे समय तक बनी रहे तो धीरे-धीरे शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
कैल्शियम की कमी से हड्डियां और मांसपेशियां होती हैं कमजोर
विशेषज्ञों के अनुसार कैल्शियम की कमी से हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसके चलते जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और लगातार थकान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कुछ मामलों में शरीर में भारीपन और चलने-फिरने में असहजता भी महसूस होती है।
लंबे समय तक कमी से बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
अगर शरीर में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बनी रहती है तो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें हड्डियां बेहद कमजोर होकर आसानी से टूट सकती हैं। इसके अलावा दांत कमजोर होना, नाखूनों का जल्दी टूटना और शरीर में ऊर्जा की कमी भी आम लक्षणों में शामिल हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
लगातार थकान, जोड़ों या हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। दांतों की कमजोरी, नाखूनों का टूटना या बार-बार शरीर में दर्द बने रहना भी कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी माना जाता है।
कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं
कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद फायदेमंद माने जाते हैं। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, बादाम और सोया उत्पाद भी अच्छे स्रोत हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी भी बेहद जरूरी है क्योंकि यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। नियमित धूप लेना और संतुलित आहार अपनाना भी लाभकारी माना जाता है।