नई दिल्ली: हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप आजकल तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जो अब कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इसे दिल की बीमारी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर सिर्फ हृदय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मस्तिष्क और याददाश्त पर भी प्रभाव डाल सकता है।
हाई बीपी और ब्रेन हेल्थ के बीच संबंध
रिसर्च के मुताबिक लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने पर मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे दिमाग तक पर्याप्त मात्रा में रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता, जिसका असर सोचने-समझने, ध्यान लगाने और याद रखने की क्षमता पर पड़ सकता है। कई मामलों में लोगों को भूलने की समस्या, मानसिक थकान और फोकस में कमी जैसी दिक्कतें भी महसूस हो सकती हैं।
हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई बीपी का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग तरीके से दिखाई देता है। कुछ लोगों में इसके लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। लगातार अनियंत्रित ब्लड प्रेशर मस्तिष्क के स्वास्थ्य को कमजोर कर सकता है।
किन लक्षणों पर दें ध्यान
यदि किसी व्यक्ति को बार-बार भूलने की समस्या, सिरदर्द, चक्कर आना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या मानसिक भ्रम जैसी स्थिति महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे संकेत हाई बीपी और ब्रेन हेल्थ से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं और समय पर जांच जरूरी होती है।
ब्रेन हेल्थ और बीपी को कैसे रखें बेहतर
डॉक्टरों के अनुसार नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। साथ ही संतुलित आहार, नमक का सीमित सेवन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण ब्रेन हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। धूम्रपान और शराब से दूरी भी मस्तिष्क और हृदय दोनों के लिए लाभकारी मानी जाती है।