ईरान में राजनीतिक भूचाल: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने दिया इस्तीफा, सत्ता तंत्र पर लगाए गंभीर आरोप

0 34

तेहरान: अमेरिका के साथ जारी तनाव और संभावित शांति समझौते की चर्चाओं के बीच ईरान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपना इस्तीफा ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को भेजा है। इस्तीफे के साथ लिखी गई चिट्ठी में राष्ट्रपति ने शासन व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

राष्ट्रपति ने फैसलों से अलग किए जाने का लगाया आरोप

अपने पत्र में मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि राष्ट्रपति और उनकी सरकार को देश के महत्वपूर्ण नीतिगत और रणनीतिक फैसलों से लगभग पूरी तरह अलग कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि चुनी हुई सरकार की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

IRGC पर बढ़ते प्रभाव का जताया चिंता

पेज़ेश्कियन ने आरोप लगाया कि देश के प्रशासनिक ढांचे और शासन प्रणाली पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों का प्रभाव लगातार बढ़ता गया है। उनके अनुसार, इस स्थिति ने सरकार की स्वतंत्र कार्यक्षमता को प्रभावित किया है और शासन व्यवस्था में असंतुलन पैदा किया है।

प्रशासनिक व्यवस्था के भटकने की चेतावनी

राष्ट्रपति ने अपने इस्तीफे के पत्र में यह भी कहा कि ईरान का प्रशासनिक ढांचा अपने आधिकारिक और कानूनी दायरे से भटकता दिखाई दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो शासन व्यवस्था के सामने और बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

नीतिगत मामलों में सरकार की भूमिका कमजोर पड़ने का दावा

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश के कई अहम फैसलों में निर्वाचित सरकार की भागीदारी सीमित हो गई है। पेज़ेश्कियन का आरोप है कि आईआरजीसी के भीतर मौजूद प्रभावशाली समूहों ने विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिससे सरकार की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हुई है।

कई महीनों से जारी था अंदरूनी तनाव

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कई महीनों से सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच मतभेदों की चर्चा चल रही थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान राष्ट्रपति पद से जुड़े कई अधिकारों और शक्तियों को लेकर भी असहमति बनी हुई थी। इसी वजह से सरकार कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रही थी।

इस्तीफे पर अंतिम फैसला अभी बाकी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति के इस्तीफे को स्वीकार किया है या नहीं। हालांकि इस्तीफे की पेशकश ने ईरान की आंतरिक राजनीति में हलचल तेज कर दी है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.