भारत-ओमान के बीच बड़ा आर्थिक समझौता लागू, पेट्रोल-गैस से लेकर दवाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स तक खुले नए अवसर
नई दिल्ली: भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) 1 जून से लागू हो गया है। इस समझौते पर दोनों देशों ने 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर किए थे। इसके लागू होते ही व्यापार, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुल गए हैं। पहले ही दिन भारत के विभिन्न बंदरगाहों से शून्य शुल्क पर ओमान के लिए निर्यात की 10 खेप रवाना की गई, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है।
भारत के निर्यात को मिलेगा बड़ा बाजार
इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत उत्पाद अब ओमान में बिना शुल्क के भेजे जा सकेंगे। इसमें इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स-ज्वेलरी, कपड़ा, चमड़ा उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, जेनेरिक दवाएं और समुद्री उत्पाद जैसे सेक्टर शामिल हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के अनुसार यह समझौता भारतीय उत्पादों को खाड़ी देशों और पूर्वी अफ्रीका तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कृषि और एमएसएमई सेक्टर को भी बड़ा लाभ
सीईपीए से कृषि और प्रोसेस्ड फूड सेक्टर को भी सीधा फायदा मिलेगा। मधु, काजू, बासमती चावल, मक्खन, बिस्कुट, आम, आलू और प्याज जैसे उत्पाद अब बिना शुल्क के ओमान भेजे जा सकेंगे। इससे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों के किसानों और छोटे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
पेट्रोलियम और गैस सप्लाई में भी बढ़ोतरी
समझौते के तहत ओमान से भारत को पेट्रोलियम उत्पाद और गैस की आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक मात्रा में हो सकेगी। हालांकि डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू बाजार पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
सेवा क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों के लिए नए अवसर
सीईपीए के तहत सेवा क्षेत्र को भी शामिल किया गया है, जिसमें 127 प्रकार की सेवाएं आती हैं। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, वित्त, संचार और पर्यटन क्षेत्र के पेशेवरों को ओमान में काम करने के अवसर मिलेंगे। समझौते के अनुसार कारोबारी वीजा पर भारतीय 90 दिनों तक, स्वतंत्र पेशेवर 180 दिनों तक और कॉरपोरेट कर्मचारी चार साल तक ओमान में सेवाएं दे सकेंगे।
रोजगार और निवेश में बढ़ोतरी की उम्मीद
सरकार का मानना है कि इस समझौते से न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। ओमान में भारतीय कंपनियों के निवेश को बढ़ावा मिलेगा और वहां काम करने वाले भारतीय युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात भी समझौते में शामिल है। साथ ही ओमान में आयुष केंद्र खोलने की भी योजना है, जिससे भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
कुल व्यापार में 50 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान
भारत और ओमान के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 11.18 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। अब इस समझौते के लागू होने के बाद इसमें लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है। पहले ही दिन 12 करोड़ डॉलर के जेम्स-ज्वेलरी उत्पादों का शून्य शुल्क पर निर्यात इस समझौते के प्रभाव को दर्शाता है।