UP ATS का बड़ा एक्शन: पाकिस्तानी गैंगस्टर से कनेक्शन के आरोप में पकड़े गए मोहम्मद शेख को लेकर आजमगढ़ पहुंची टीम, 6 ठिकानों पर चली जांच
आजमगढ़: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से कथित संपर्क के आरोप में गिरफ्तार संदिग्ध मोहम्मद शेख को लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम शुक्रवार को आजमगढ़ पहुंची। न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद एटीएस ने आरोपी की मौजूदगी में उसके घर समेत छह स्थानों पर गहन छानबीन की और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
लखनऊ से चार वाहनों में पहुंची एटीएस टीम में एक महिला अधिकारी सहित सात सदस्य शामिल थे। टीम सबसे पहले पुलिस लाइन पहुंची और वहां से मोहम्मद शेख को लेकर निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव स्थित उसके आवास पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
पिता और भाई से करीब 35 मिनट तक पूछताछ
एटीएस अधिकारियों ने मोहम्मद शेख की मौजूदगी में उसके पिता और बड़े भाई से करीब 35 मिनट तक पूछताछ की। इस दौरान टीम ने घर की तलाशी भी ली और वहां से एक मोबाइल फोन कब्जे में लिया। जांच एजेंसियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी पड़ताल की तथा संभावित संपर्कों और गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।
स्थानीय कनेक्शन और नेटवर्क की तलाश
घर पर कार्रवाई के बाद एटीएस की टीम आरोपी को लेकर सरायमीर और निजामाबाद क्षेत्र के अन्य स्थानों पर पहुंची। जांच के दौरान स्थानीय संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल की गई। सरायमीर बाजार में भी टीम ने कई लोगों से पूछताछ कर सूचनाएं एकत्र कीं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, मोहम्मद शेख को पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है। एटीएस पाकिस्तान से जुड़े कथित कनेक्शनों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसी उद्देश्य से टीम आरोपी को लेकर आजमगढ़ पहुंची थी।
2024 में फर्जी एक्सचेंज संचालन के आरोप में भी पकड़ा गया था
जांच में यह भी सामने आया है कि मोहम्मद शेख को वर्ष 2024 में फर्जी एक्सचेंज संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह विदेश में रह रहे लोगों की कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से बातचीत कराने का काम करता था। वह सात भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर का है।
गांव और बाजार में दिनभर रहा सन्नाटा
एटीएस की कार्रवाई के दौरान खुदादादपुर गांव और आसपास के बाजारों में असामान्य सन्नाटा देखने को मिला। स्थानीय लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बचते रहे। कई ग्रामीणों ने कहा कि मोहम्मद शेख की गतिविधियों को देखकर कभी ऐसा संदेह नहीं हुआ था कि उसका नाम इस तरह के गंभीर आरोपों से जुड़ सकता है।
असलहा खरीद के सुराग भी खंगाल रही एटीएस
जांच एजेंसियां हथियारों की खरीद से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने एक पिस्टल और कारतूस स्थानीय स्तर पर हासिल किए थे। इन्हीं पहलुओं की पुष्टि और हथियार उपलब्ध कराने वाले संभावित लोगों तक पहुंचने के लिए एटीएस लगातार जांच कर रही है।
दुकान, स्कूल और बाजार समेत कई स्थानों पर हुई जांच
मोहम्मद शेख को साथ लेकर एटीएस की टीम उसकी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर भी पहुंची, जहां आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम गंभीरपुर थाना क्षेत्र के खिल्लूपुर गांव में स्थित एक विद्यालय के पास पहुंची और काफी देर तक जांच-पड़ताल करती रही। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
इसके बाद टीम फरिहा बाजार क्षेत्र और एक पेट्रोल पंप के आसपास भी जांच के लिए रुकी। संजरपुर और सरायमीर बाजार में भी कई स्थानों पर छानबीन की गई। देर शाम तक जांच अभियान जारी रहने के बाद एटीएस की टीम आजमगढ़ शहर की ओर लौट गई।