PC-PNDT कानून के पालन पर डीएम सख्त, अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों को फायर NOC व चेंजिंग रूम के दिए निर्देश

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गौतमबुद्धनगर: जिले में पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी अनुपालन और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पीसी-पीएनडीटी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 50 बेड से अधिक क्षमता वाले 10 अस्पतालों और 23 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण से संबंधित प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। इस दौरान विभिन्न मानकों के पालन और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

फायर एनओसी का नवीनीकरण जल्द कराने के निर्देश

बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों ने अभी तक अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया है, वे इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि संबंधित उपजिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण और जांच के बाद नियमानुसार नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर फायर एनओसी का नवीनीकरण निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित कराया जाए।

महिला मरीजों के लिए चेंजिंग रूम और CCTV अनिवार्य

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों में महिला मरीजों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इसके अलावा पीसी-पीएनडीटी अधिनियम से संबंधित चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और अधिकृत चिकित्सक का फोटो प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन या किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित केंद्र के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रमिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की तैयारी

जिलाधिकारी ने अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को निर्देश दिया कि श्रमिक बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाए। योजना में यह स्पष्ट किया जाए कि शिविरों के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को कौन-कौन सी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

गंभीर मरीजों को अस्पतालों से जोड़ने के निर्देश

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्वास्थ्य शिविरों के दौरान जिन पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में किसी प्रकार की चिकित्सीय समस्या चिन्हित हो, उन्हें आवश्यकता के अनुसार संबंधित अस्पतालों से जोड़कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर दिया जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का प्रभावी अनुपालन, अस्पतालों में निर्धारित मानकों का पालन और श्रमिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी न्यायिक दादरी पूर्वा शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, जिला प्रतिरक्षक अधिकारी आर.के. सिरोहा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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