अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 122 लंगरों को मंजूरी, पंजाब सबसे आगे; हरियाणा और दिल्ली के भी दर्जनों भंडारे लगेंगे

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जम्मू: आगामी श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए इस वर्ष यात्रा मार्ग पर 122 लंगर संगठनों को मंजूरी प्रदान की गई है। इनमें सबसे अधिक 44 लंगर पंजाब के धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा संचालित किए जाएंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी लंगर सेवा में पंजाब की भागीदारी सबसे ज्यादा रहने वाली है।

श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने पहलगाम और बालटाल मार्ग से लेकर पवित्र गुफा तक लंगर लगाने की अनुमति दी है। स्वीकृत 122 लंगर संगठनों में हरियाणा के 24 और दिल्ली के 22 संगठन भी शामिल हैं। यात्रा में पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, जिसके चलते वहां के संगठन सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिन की पवित्र यात्रा

इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को संपन्न होगी। यात्रा के दौरान सभी लंगरों का संचालन श्राइन बोर्ड द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और तय मेन्यू के अनुसार किया जाएगा। लंगरों के लिए स्थान का चयन भी बोर्ड की ओर से ही किया जाता है।

लंगर संचालकों की जिम्मेदारी खाद्य सामग्री, टेंट, शेड और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने की होती है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सरकार के जिम्मे रहती है। प्रशासन और श्राइन बोर्ड की ओर से पानी, बिजली तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

श्रद्धालुओं के भोजन के साथ ठहरने की भी व्यवस्था

अमरनाथ यात्रा में लंगर संगठनों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ये संगठन केवल भोजन ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था भी करते हैं। प्रत्येक लंगर में करीब 60 से 70 सेवादार दिन-रात सेवा कार्य में जुटे रहते हैं।

यात्रा शुरू होने से पहले ही विभिन्न लंगर संगठन ट्रकों के जरिए खाद्य सामग्री, ढांचे और आवश्यक सामान लेकर जम्मू-कश्मीर पहुंचने लगे हैं। यात्रा मार्ग पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ तथा जम्मू-कश्मीर के संगठन भी सेवा देंगे।

राष्ट्रीय राजमार्गों और यात्री निवासों में भी लगेंगे लंगर

यात्रा मार्ग के अलावा जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बड़ी संख्या में लंगर लगाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित जिला प्रशासन की ओर से अनुमति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, 50 से 60 लंगर जम्मू के यात्री निवास, चंद्रकोट यात्री निवास और श्रीनगर के पंथाचौक यात्री निवास सहित विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएंगे। इस बार भी श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

जंक फूड और तले हुए खाद्य पदार्थों पर सख्त रोक

श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले सभी लंगरों में जंक फूड और तले हुए खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध जारी रखा है। यह फैसला पिछले वर्षों में श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से हुई मौतों की घटनाओं के बाद लिया गया था। बोर्ड का मानना है कि यात्रा के दौरान पौष्टिक और संतुलित भोजन ही श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

 

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