ट्रंप की चेतावनी दरकिनार! इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला, ताबड़तोड़ मिसाइलों और एयरस्ट्राइक से बढ़ा युद्ध का खतरा

0 22

यरुशलम: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़ा जवाबी सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में मौजूद कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका और गहरा गई है।

इजरायली सेना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट जारी कर हमले की पुष्टि की। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी तेहरान समेत इस्फहान और तबरीज जैसे प्रमुख शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से तेहरान स्थित इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का हवाई क्षेत्र तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया।

नेतन्याहू ने नहीं मानी ट्रंप की सलाह

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की थी। ट्रंप ने उनसे ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से बचने की सलाह दी थी। हालांकि इजरायल ने अपने सबसे करीबी सहयोगी की इस सलाह को स्वीकार नहीं किया और जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रंप का मानना था कि ईरान के साथ संभावित समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है और ऐसे समय में कोई भी सैन्य कार्रवाई कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके बावजूद इजरायल ने अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देते हुए हमला किया।

सीजफायर के बाद फिर भड़का संघर्ष

मौजूदा तनाव की पृष्ठभूमि हाल के घटनाक्रमों से जुड़ी हुई है। 8 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम के बाद ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए थे। ईरान का आरोप था कि युद्धविराम के बावजूद इजरायल लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए था।

बताया जाता है कि ईरानी हमले से एक दिन पहले इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में बिना पूर्व चेतावनी के बमबारी की थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी और अब दोनों देशों के बीच तनाव खुली सैन्य टकराव की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है।

शांति प्रयासों को लगा बड़ा झटका

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते और स्थायी युद्धविराम को लेकर चल रही कोशिशों के बीच यह हमला बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहा तो पूरा क्षेत्र व्यापक संघर्ष की चपेट में आ सकता है।

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वाशिंगटन ने हालिया सैन्य कार्रवाई को समर्थन नहीं दिया था। अधिकारी ने बताया कि ट्रंप लगातार तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने के पक्ष में रहे हैं। उनका मानना है कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है और उसे बचाए रखना जरूरी है।

ईरान के साथ समझौते की उम्मीद बरकरार

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन को अब भी उम्मीद है कि ईरान के साथ किसी समझौते तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि हालिया घटनाओं ने इस प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव न केवल मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों पर भी असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.