IGRS पर सख्त हुआ प्रशासन: 50% से कम संतुष्टि फीडबैक पर रुकेगा विभागाध्यक्षों का वेतन, एडीएम ने जारी किए कड़े निर्देश
गौतमबुद्धनगर: जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, लंबित शिकायतों, शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक, विभागवार प्रगति और जनपद की रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
शासन की प्राथमिकता वाले पोर्टल पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप तय समय सीमा के भीतर, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी विभाग डिफाल्टर या बॉटम-10 श्रेणी में नहीं पहुंचना चाहिए तथा विभागीय रैंकिंग में लगातार सुधार दिखाई देना चाहिए।
50 प्रतिशत से कम संतुष्ट फीडबैक पर नहीं निकलेगा वेतन
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने जुलाई माह के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि जिन विभागों का असंतुष्ट फीडबैक 50 प्रतिशत से कम रहेगा, उन विभागाध्यक्षों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित किए जाने का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत होने के बाद ही विभागाध्यक्षों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हर दिन होगी पोर्टल की समीक्षा, लंबित मामलों पर रहेगा फोकस
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कार्यालयों में प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल का अवलोकन और समीक्षा की जाए। विशेष रूप से लंबित और सी श्रेणी में दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के दौरान शिकायतकर्ता की उपस्थिति में स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर समस्याओं का स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
कई विभागों की प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में कृषि विभाग, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, जिला समाज कल्याण विभाग तथा दनकौर के अधिशासी अधिकारी समेत विभिन्न विभागों की आईजीआरएस पोर्टल पर प्रगति का मूल्यांकन किया गया। जिन विभागों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया, उन्हें विशेष अभियान चलाकर लंबित और सी श्रेणी की शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी समीक्षा बैठक तक विभागीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार लाने पर जोर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं से संवाद बढ़ाने पर जोर
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने कहा कि सभी अधिकारी शिकायतकर्ताओं से नियमित संवाद बनाए रखें और प्रत्येक शिकायत को गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ लें। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, लंबित प्रकरणों में लगातार कमी लाने और जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, डिप्टी कलेक्टर चारुल यादव, सहायक आयुक्त स्टांप (द्वितीय) बृजेश कुमार, डिप्टी कमिश्नर प्रशासन राज्य कर विभाग अजीत कुमार सिंह, उपयुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग चंद सारस्वत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।