होर्मुज पर ईरान का सख्त संदेश, ‘युद्ध से रास्ता नहीं खुलेगा’; अमेरिका को समझौते की शर्तें मानने की नसीहत

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तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सेना ने कड़ा रुख अपनाया है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने स्पष्ट कहा है कि होर्मुज पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा और अमेरिका युद्ध के जरिए इस समुद्री मार्ग को नहीं खोल सकता। उन्होंने कहा कि समाधान केवल बातचीत और युद्ध समाप्ति समझौते की शर्तों के पालन से ही संभव है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण होने और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत टैक्स लगाने की घोषणा की गई है।

‘अमेरिका को ईरान के अधिकारों का सम्मान करना होगा’

तेहरान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने का एकमात्र रास्ता यह है कि अमेरिका ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे और युद्ध समाप्त करने वाले समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन करे।

उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई या दबाव की नीति से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का संचालन संभव नहीं है और किसी भी प्रकार की आक्रामकता स्वीकार नहीं की जाएगी।

ईरानी जनता के समर्थन की सराहना

अपने संबोधन में अकरमिनिया ने इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की शहादत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पिछले चार महीनों के दौरान ईरानी सशस्त्र बलों के प्रति जनता के समर्थन की भी सराहना करते हुए कहा कि देश संकट की घड़ी में एकजुट होकर खड़ा है।

समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप

ईरानी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अमेरिका युद्ध समाप्ति समझौते का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से होर्मुज में नौवहन व्यवस्था स्वीकार किए जाने के बावजूद अमेरिका वहां नया शिपिंग मार्ग स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को युद्ध या किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के जरिए नहीं खोला जा सकता। उनके अनुसार ईरानी सशस्त्र बल इस क्षेत्र में देश के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक प्रतिबद्ध रहेंगे।

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा तनाव

हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण है और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत टैक्स वसूला जाएगा। इसके जवाब में ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज पर उसके अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और वह अपने दावे पर कायम रहेगा।

 

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