रिश्ता ढूंढते समय रहें सतर्क! मैट्रिमोनियल साइट्स पर साइबर ठग बुन रहे जाल, लाखों की ठगी के मामले आए सामने

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प्रयागराज : ऑनलाइन जीवनसाथी की तलाश अब साइबर अपराधियों के लिए ठगी का नया जरिया बनती जा रही है। पहले ओटीपी, केवाईसी और फर्जी लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाने वाले ठग अब मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और ऐप्स पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं। भावनात्मक रिश्ता कायम करने के बाद निवेश, मेडिकल इमरजेंसी या पारिवारिक जरूरत का बहाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही है। प्रयागराज में हाल के दिनों में ऐसे तीन मामलों में कुल 14.68 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।

डॉक्टर से ट्रेडिंग के नाम पर 7.30 लाख की ठगी

साइबर पुलिस के अनुसार, जार्जटाउन के एक डॉक्टर की मैट्रिमोनियल साइट पर खुद को सान्वी गुप्ता बताने वाली युवती से पहचान हुई। बातचीत बढ़ने के बाद युवती ने बेहतर भविष्य का सपना दिखाते हुए ट्रेडिंग में निवेश की सलाह दी और खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी में कार्यरत बताया। भरोसा होने पर डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में 7.30 लाख रुपये निवेश कर दिए। रकम मिलने के बाद युवती ने संपर्क खत्म कर दिया।

शादी का भरोसा देकर युवक से ऐंठे 4.37 लाख रुपये

राजरूपपुर निवासी एक युवक की भी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए एक युवती से जान-पहचान हुई। करीब तीन महीने तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। इस दौरान युवती ने पारिवारिक परेशानी, मेडिकल जरूरत और अन्य आपात स्थितियों का हवाला देकर अलग-अलग किस्तों में 4.37 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब युवक ने शादी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही तो युवती ने दूरी बना ली और संपर्क तोड़ दिया।

शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर 3.01 लाख की धोखाधड़ी

नैनी के एक युवक को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया गया। खुद को निवेश कंपनी की कर्मचारी बताने वाली युवती ने पहले दोस्ती की और फिर शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच दिया। युवक ने भरोसा कर 3.01 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में न तो पैसा वापस मिला और न ही कथित कंपनी का कोई अस्तित्व सामने आया।

समय पर शिकायत करने से बढ़ सकती है रकम वापस मिलने की संभावना

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठगी का पता चलते ही तुरंत शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। समय पर सूचना मिलने पर साइबर पुलिस संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराकर रकम की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, जिससे पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

साइबर पुलिस ने जारी की अहम सलाह

साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने कहा कि अपराधी अब तकनीकी तरीकों के साथ-साथ लोगों की भावनाओं का भी फायदा उठा रहे हैं। वे पहले विश्वास कायम करते हैं और फिर किसी बहाने पैसे मांगते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन बने रिश्तों में किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

 

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