Hydrogen Car Mileage: एक बार टैंक फुल तो 650 KM तक चलेगी कार! जानिए कितनी रेंज देती हैं हाइड्रोजन गाड़ियां और किन देशों में हो रहा इस्तेमाल

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नई दिल्ली: भारत में पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ हाइड्रोजन आधारित परिवहन तकनीक एक बार फिर चर्चा में है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि हाइड्रोजन से चलने वाली कारें आखिर कितना माइलेज या रेंज देती हैं और दुनिया के किन देशों में इनका इस्तेमाल हो रहा है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक को भविष्य की स्वच्छ परिवहन प्रणाली माना जा रहा है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है और निकास के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है।

हाइड्रोजन कार कितनी दूरी तय कर सकती है?
मौजूदा फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (एफसीईवी) एक बार टैंक फुल होने पर आमतौर पर 480 से 650 किलोमीटर तक चल सकती हैं। उदाहरण के तौर पर 2026 Toyota Mirai लगभग 402 मील यानी करीब 647 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम बताई जाती है।

अगर प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन की बात करें, तो एक आधुनिक हाइड्रोजन कार औसतन 96 से 112 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। वास्तविक रेंज ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति और मौसम पर भी निर्भर करती है।

सिर्फ 3 से 5 मिनट में भर जाता है टैंक
हाइड्रोजन कारों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें ईंधन भरने में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में काफी कम समय लगता है। सामान्यतः इनका टैंक 3 से 5 मिनट के भीतर भर जाता है, जो पारंपरिक पेट्रोल या डीजल वाहनों के बराबर माना जाता है।

हाइड्रोजन कार कैसे करती है काम?
हाइड्रोजन कार में फ्यूल सेल तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसमें हाइड्रोजन और हवा में मौजूद ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली तैयार होती है। यही बिजली इलेक्ट्रिक मोटर को चलाती है। इस पूरी प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होता और केवल पानी या जलवाष्प निकलती है।

भारत में कहां तक पहुंची है हाइड्रोजन तकनीक?
भारत में फिलहाल हाइड्रोजन तकनीक का उपयोग मुख्य रूप से पायलट परियोजनाओं, सार्वजनिक परिवहन और सरकारी स्तर के प्रयोगों तक सीमित है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए हाइड्रोजन कारों की बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है।

हाल ही में देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच शुरू की गई है। इसके अलावा दिल्ली में डीएमआरसी, इंडियन ऑयल और टाटा मोटर्स के सहयोग से हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस का भी संचालन शुरू किया जा चुका है।

किन देशों में चल रही हैं हाइड्रोजन गाड़ियां?
हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन और फ्यूल सेल वाहनों का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में किया जा रहा है। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, जर्मनी, फ्रांस और अब भारत भी शामिल हो गया है। इन देशों में हाइड्रोजन कारों, बसों और ट्रेनों पर लगातार काम हो रहा है।

कौन-सी कंपनियां बनाती हैं हाइड्रोजन कारें?
दुनिया में फिलहाल कुछ प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां ही फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन तैयार कर रही हैं। इनमें टोयोटा, हुंडई और होंडा प्रमुख हैं। इन कंपनियों की हाइड्रोजन कारें कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध हैं और भविष्य में इनका दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

 

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